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खेती यूपी में, घर उत्तराखंड में, कैसे करें कटाई-मंडाई
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कोटद्वार। अविभाजित यूपी के समय से बिजनौर जिले में खेती किसानी करने वाले कोटद्वार तहसील के काश्तकारों के सामने लॉकडाउन ने नई समस्या खड़ी कर दी है। दूसरा प्रांत होने के कारण उन्हें हर रोज गेहूं काटने और मंडाई के लिए ट्रैक्टर और मशीन समेत आने जाने की अनुुमति नहीं मिल पा रही है। ऐसे में हर रोज काश्तकारों को खेती का काम छोड़कर अनुमति के लिए तहसील के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
पौड़ी जिले के कोटद्वार भाबर के लोगों के यूपी के बिजनौर जिले के नगीना और नजीबाबाद तहसील क्षेत्र के अंतर्गत ढकिया बावन सराय, कैंचीवाला, तेलीपाड़ा, लालवाला, हरियाणा फार्म, दिल्ली फार्म, हल्लूवाली, शंकरपुर फार्म, तल्ला मोटाढांक, चतुरूवाला, गढ़वाल फार्म और चंदनपुरा समेत दर्जनों गांवों में खेती की जमीनें हैं। जहां वे अविभाजित यूपी के समय से ही खेतीबाड़ी करते आ रहे हैं। सामान्य दिनों में तो कोई दिक्कत नहीं थी, लेकिन लॉकडाउन के दौरान राज्यों की सीमाएं सील होने के कारण काश्तकार यूपी के अपने खेतों में गेहूं की कटाई नहीं कर पा रहे हैं, जबकि सामान्य दिनों में कोटद्वार के काश्तकार हर रोज सुबह ट्रैक्टर ट्रॉली और मशीन लेकर खेतों में जाते थे और शाम को घर लौट आते थे। ऐसे काश्तकारों की ओर से खेतीबाड़ी का कामकाज छोड़कर अनुमति के लिए तहसील के चक्कर काटे जा रहे हैं। कोटद्वार निवासी आरसी लखेड़ा, धर्म सिंह नेगी, रमेश नेगी व गोकुल नेगी का कहना है कि लॉकडाउन में राज्यों की सीमा आड़े आ रही है। अनुमति न मिलने से फसल खराब होने के कगार पर है।
कोटद्वार से बाहर यूपी के गांवों में कृषि यंत्रों समेत आने जाने की अनुमति प्रदान करने के संबंध में जिला प्रशासन से दिशा-निर्देश मांगे गए हैं। निर्देश प्राप्त होते ही उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल तहसील से उत्तराखंड की सीमा के भीतर ही अंतर्जनपदीय अनुमति प्रदान की जा रही है।
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-योगेश मेहरा, एसडीएम कोटद्वार।
-फोटो समाचार
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पौड़ी जिले के कोटद्वार भाबर के लोगों के यूपी के बिजनौर जिले के नगीना और नजीबाबाद तहसील क्षेत्र के अंतर्गत ढकिया बावन सराय, कैंचीवाला, तेलीपाड़ा, लालवाला, हरियाणा फार्म, दिल्ली फार्म, हल्लूवाली, शंकरपुर फार्म, तल्ला मोटाढांक, चतुरूवाला, गढ़वाल फार्म और चंदनपुरा समेत दर्जनों गांवों में खेती की जमीनें हैं। जहां वे अविभाजित यूपी के समय से ही खेतीबाड़ी करते आ रहे हैं। सामान्य दिनों में तो कोई दिक्कत नहीं थी, लेकिन लॉकडाउन के दौरान राज्यों की सीमाएं सील होने के कारण काश्तकार यूपी के अपने खेतों में गेहूं की कटाई नहीं कर पा रहे हैं, जबकि सामान्य दिनों में कोटद्वार के काश्तकार हर रोज सुबह ट्रैक्टर ट्रॉली और मशीन लेकर खेतों में जाते थे और शाम को घर लौट आते थे। ऐसे काश्तकारों की ओर से खेतीबाड़ी का कामकाज छोड़कर अनुमति के लिए तहसील के चक्कर काटे जा रहे हैं। कोटद्वार निवासी आरसी लखेड़ा, धर्म सिंह नेगी, रमेश नेगी व गोकुल नेगी का कहना है कि लॉकडाउन में राज्यों की सीमा आड़े आ रही है। अनुमति न मिलने से फसल खराब होने के कगार पर है।
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कोटद्वार से बाहर यूपी के गांवों में कृषि यंत्रों समेत आने जाने की अनुमति प्रदान करने के संबंध में जिला प्रशासन से दिशा-निर्देश मांगे गए हैं। निर्देश प्राप्त होते ही उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल तहसील से उत्तराखंड की सीमा के भीतर ही अंतर्जनपदीय अनुमति प्रदान की जा रही है।
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-योगेश मेहरा, एसडीएम कोटद्वार।
-फोटो समाचार