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योगी आदित्यनाथ के मूल गांव पंचूर में मनी होली-दीवाली
ब्यूरो/ अमर उजाला, कोटद्वार
Updated Sun, 19 Mar 2017 08:59 PM IST
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योगी आदित्यनाथ के यूपी सीएम पद की शपथ लेने के बाद उनके गांव पंचूर में खुशी मनाते लोग।
- फोटो : amar ujala
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पौड़ी जिले के यमकेश्वर ब्लाक के पंचूर गांव में जन्मे योगी आदित्यनाथ के रविवार को उत्तर प्रदेश की कमान संभालने पर उनके गांव पंचूर में जश्न का माहौल रहा। उनके परिजनों और ग्रामीणों ने होली और दीवाली एक साथ मनाई। सभी ने विश्वास व्यक्त किया कि योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाएंगे। यूपी ही नहीं इसका लाभ उत्तराखंड को भी मिलेगा।
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रविवार दोपहर में योगी आदित्यनाथ के शपथ-ग्रहण समारोह को देेखने के लिए यमकेश्वर के ग्रामीण अपने घरों में टीवी सेटों पर चिपके रहे। योगी आदित्यनाथ के शपथ लेते ही ग्रामीणों ने उनके घर पहुंचकर उनके माता-पिता, भाई-बहनों समेत सभी परिजनों को बधाई दी। उनके परिवारीजनों की खुशी का ठिकाना हीं नहीं रहा।
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योगी आदित्यनाथ के 84 वर्षीय पिता आनंद सिंह और 79 वर्षीय माता सावित्री देवी को विश्वास है कि वह यूपी को उत्तम प्रदेश बनाएंगे। उनके यूपी के सीएम बनने से उत्तराखंड को भी लाभ मिलेगा। पिता आनंद सिंह बिष्ट बताते हैं कि वर्ष 1994 में संन्यास धारण करने के बाद योगी आदित्यनाथ कई बार सांसद बीसी खंडूड़ी के चुनाव प्रचार के लिए उत्तराखंड और यमकेश्वर क्षेत्र आए थे। वर्ष 1999 में वह छोटे भाई शैलेंद्र मोहन सिंह और वर्ष 2013 में वह महेंद्र की शादी में शामिल होने के लिए गांव पहुंचे थे।
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कोटद्वार पीजी कालेज में योगी आदित्यनाथ के साथ पढ़ने वाले सहपाठी उनके सीएम बनने से गद्गद हैं। गढ़वाल महासभा के महासचिव पदमेश बुड़ाकोटी का कहना है कि योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 1991-92 में कोटद्वार पीजी कालेज छात्रसंघ में एबीवीपी से छात्र राजनीति की शुरुआत की थी।
उनके अन्य सहपाठी अशोक सिंह भंडारी, चंद्रमोहन सिंह नेगी, कौशलेश मलासी, संजय काला, ओमप्रकाश पांडे, मोहन सिंह नेगी, लक्ष्मीकांत पांथरी, दिनेश रावत, हरेंद्र गुसाईं, अतीश डबराल और सुनील राणा का कहना है कि योगी के यूपी का सीएम बनने से उत्तराखंड में परिसंपत्तियों के बंटवारे और परिसीमन से जुड़े मामलों का भी शीघ्र निस्तारण होगा।
यमकेश्वर में खोला महायोगी गुरु गोरखनाथ महाविद्यालय
कोटद्वार। योगी आदित्यनाथ यमकेश्वर में उच्च शिक्षा के लिए कोई महाविद्यालय न होने के कारण व्यथित थे। खासकर उच्च शिक्षा के लिए छात्राओं को या तो ऋषिकेश जाना पड़ता था, या फिर कोटद्वार।
इस परेशानी को देखते हुए योगी आदित्यनाथ में वर्ष 1999 में अपने गुरु गोरखनाथ के नाम से महाविद्यालय की स्थापना की। वर्तमान में इस महाविद्यालय में करीब डेढ़ सौ छात्र-छात्राएं स्नातक की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। विद्यालय के संचालन में योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद सिंह और भाई मानवेंद्र व महेंद्र सहयोग करते हैं।