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विकलांग पूर्व सैनिक ने लगाई पुर्नवास की गुहार
ब्यूरो/ अमर उजाला कोटद्वार
Updated Fri, 05 Feb 2016 09:42 PM IST
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कोटद्वार। पूर्व सैनिक सेवा परिषद ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर विकलांग पूर्व सैनिक के पुनर्वास की मांग की है।
बृहस्पतिवार को सौंपे ज्ञापन में उदय सिंह ने बताया कि वह सातवीं जम्मू और कश्मीर राइफल में कार्यरत थे। उन्होंने अठारह साल छह महीने और बाइस दिन फौज में देश के लिए सेवाएं दीं। लेकिन अत्यधिक बर्फीले इलाके में सेवाएं देने के कारण इसका असर उनके शरीर पर पड़ा और वह विकलांग हो गए। इसके लिए सेना ने उन्हें 1999 में लाइन मेडिकल कैटेगरी के तहत लाइन मेडिकल सिक घोषित कर बोर्ड आउट कर दिया। तब से लेकर आज तक वह बैसाखी के सहारे जीवन काट रहे हैं। उन्होंने बताया कि 1975 से वह कोटद्वार के गोविंद नगर पश्चिम में एक बगीचे में परिवार सहित निवास करते हैं। जहां से उन्हें अब बेदखल कर दिया गया है। कहा कि शत-प्रतिशत विकलांगता की वजह से वह इतने सक्षम नहीं है कि अपने परिवार की पुनर्वास की व्यवस्था कर सकें। इसलिए नगर में कहीं भी उनके पुनर्वास की व्यवस्था की जाए जिससे एक विकलांग पूर्व सैनिक को राहत मिल सके। इस अवसर पर परिषद के अध्यक्ष गोपाल कृष्ण बड़थ्वाल, सचिव महानंद ध्यानी, कोषाध्यक्ष बलवान सिंह रावत के अलावा कई लोग मौजूद थे।
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बृहस्पतिवार को सौंपे ज्ञापन में उदय सिंह ने बताया कि वह सातवीं जम्मू और कश्मीर राइफल में कार्यरत थे। उन्होंने अठारह साल छह महीने और बाइस दिन फौज में देश के लिए सेवाएं दीं। लेकिन अत्यधिक बर्फीले इलाके में सेवाएं देने के कारण इसका असर उनके शरीर पर पड़ा और वह विकलांग हो गए। इसके लिए सेना ने उन्हें 1999 में लाइन मेडिकल कैटेगरी के तहत लाइन मेडिकल सिक घोषित कर बोर्ड आउट कर दिया। तब से लेकर आज तक वह बैसाखी के सहारे जीवन काट रहे हैं। उन्होंने बताया कि 1975 से वह कोटद्वार के गोविंद नगर पश्चिम में एक बगीचे में परिवार सहित निवास करते हैं। जहां से उन्हें अब बेदखल कर दिया गया है। कहा कि शत-प्रतिशत विकलांगता की वजह से वह इतने सक्षम नहीं है कि अपने परिवार की पुनर्वास की व्यवस्था कर सकें। इसलिए नगर में कहीं भी उनके पुनर्वास की व्यवस्था की जाए जिससे एक विकलांग पूर्व सैनिक को राहत मिल सके। इस अवसर पर परिषद के अध्यक्ष गोपाल कृष्ण बड़थ्वाल, सचिव महानंद ध्यानी, कोषाध्यक्ष बलवान सिंह रावत के अलावा कई लोग मौजूद थे।