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पाली गांव में गुलदार ने बच्चों पर किया हमला
देवप्रयाग
Updated Sun, 17 Jan 2016 06:38 PM IST
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भरपूर पट्टी के पाली गांव में गुलदार ने बच्चों पर हमला करने की कोशिश की। लोगों के हल्ला मचाने पर गुलदार भाग गया। इस घटना में चार वर्षीय एक बालिका पर नाखूनों से खरोंचे आई हैं। दहशतजदा ग्रामीणों ने गांव में पिंजरा लगाने की मांग की है।
घटनाक्रम के अनुसार, शनिवार शाम करीब छह बजे पाली गांव में मायके आई मीना देवी अपनी चार वर्षीय भतीजी (भाई की बेटी) अनुराधा और अपने बेटा-बेटी के साथ पड़ोस के घर से लौट रही थी। इस दौरान उसका एक वर्षीय बालक गोद में था। जबकि बेटी और भतीजी साथ में पैदल चल रहे थे। घर से कुछ दूर अचानक रास्ते में गुलदार आ धमका। गुलदार को देखकर मीना बचाव के लिए चिल्लाने लगी। अन्य लोगों ने भी हल्ला मचा दिया। गुलदार ने जल्दबाजी में अनुराधा पर झपट्टा मार दिया। इससे उसकी जांघ में नाखून से खरोंच आ गई। शोरगुल सुनकर गुलदार गोशाला की ओर भाग गया। वहां बंधी भैंसें भी आवाज करने लगी। यह देख अनुराधा की मां सुनीता ने शोर मचाते हुए गुलदार भगाने के लिए लकड़ियां फेंकी।
इस घटना के कुछ देर बाद बछेलीखाल में अपनी दुकान से लौट रहे एक दुकानदार ने भी गुलदार को देखा। अनुराधा के दादा पूर्व प्रधान राम सिंह रावत ने बताया कि घटना से उनकी पोती और नातिन सहमे हुए हैं। उन्होंने इसकी सूचना वन विभाग को देते हुए पिंजरा लगाने की मांग की।
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घटनाक्रम के अनुसार, शनिवार शाम करीब छह बजे पाली गांव में मायके आई मीना देवी अपनी चार वर्षीय भतीजी (भाई की बेटी) अनुराधा और अपने बेटा-बेटी के साथ पड़ोस के घर से लौट रही थी। इस दौरान उसका एक वर्षीय बालक गोद में था। जबकि बेटी और भतीजी साथ में पैदल चल रहे थे। घर से कुछ दूर अचानक रास्ते में गुलदार आ धमका। गुलदार को देखकर मीना बचाव के लिए चिल्लाने लगी। अन्य लोगों ने भी हल्ला मचा दिया। गुलदार ने जल्दबाजी में अनुराधा पर झपट्टा मार दिया। इससे उसकी जांघ में नाखून से खरोंच आ गई। शोरगुल सुनकर गुलदार गोशाला की ओर भाग गया। वहां बंधी भैंसें भी आवाज करने लगी। यह देख अनुराधा की मां सुनीता ने शोर मचाते हुए गुलदार भगाने के लिए लकड़ियां फेंकी।
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इस घटना के कुछ देर बाद बछेलीखाल में अपनी दुकान से लौट रहे एक दुकानदार ने भी गुलदार को देखा। अनुराधा के दादा पूर्व प्रधान राम सिंह रावत ने बताया कि घटना से उनकी पोती और नातिन सहमे हुए हैं। उन्होंने इसकी सूचना वन विभाग को देते हुए पिंजरा लगाने की मांग की।
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