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परीक्षक की लापरवाही से मिले कम अंक
श्रीनगर
Updated Mon, 21 Dec 2015 07:34 PM IST
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गढ़वाल विवि के छात्र को परीक्षक की लापरवाही से कम अंक मिले हैं। सूचना के अधिकार अधिनियम से परीक्षक की लापरवाही सामने आई है। छात्र ने गढ़वाल विवि प्रशासन से मामले में न्याय की गुहार लगाई है।
गढ़वाल विवि बिडला परिसर के बीएससी अंतिम वर्ष के छात्र मयंक सेमवाल को परीक्षक की लापरवाही से कम अंक मिले हैं। मयंक का कहना है कि अंतिम वर्ष की मुख्य परीक्षा का परिणाम अगस्त माह में आया। परिणाम आने पर पता चला कि गणित में उसे 34 अंक दिए गए थे। जबकि उसे ज्यादा अंक मिलने की उम्मीद थी। उन्होंने बताया कि कम अंक मिलने से पूरा परिवार मायूस हुआ। मयंक ने कहा कि कम अंक के मामले की कुलसचिव व परीक्षा नियंत्रक से जांच की मांग की। उन्होंने बताया कि कुलसचिव ने उत्तरपुस्तिका का पुनर्मूल्याकंन करवाए जाने का आश्वासन दिया है।
यह है मामला
श्रीनगर। बीएससी के छात्र मयंक सेमवाल ने गणित विषय की मुख्य परीक्षा में 20 प्रश्न हल किए थे। परीक्षक ने इसमें 16 प्रश्नों के उत्तर की जांच की है। चार प्रश्नों के उत्तर नहीं जांचे हैं। जबकि 15 प्रश्नों के अंक की चढ़ाए हैं। वहीं प्रश्न संख्या 14 का उत्तर सही देने के बावजूद दो अंक कम दिए हैं।
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सूचना देने में भी की देर
श्रीनगर। मुख्य परीक्षा में कम अंक आने पर मयंक ने सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत सूचना मांगी, लेकिन विवि ने एक माह से भी अधिक समय बाद सूचना दी।
छात्र के मुख्य परीक्षा में कापी जांचने में गड़बड़ी का मामला संज्ञान में आया है। कापी के पुनर्मूल्यांकन के लिए परीक्षा नियंत्रक को पत्र लिखा गया है। - डा. एके झा, कुलसचिव
छात्र के मुख्य परीक्षा की कापी जांच में परीक्षक द्वारा त्रुटि की गई है। कापी जांचने में छूटे प्रश्नों की जांच की जाएगी। - प्रो. केडी पुरोहित, परीक्षा नियंत्रक
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गढ़वाल विवि बिडला परिसर के बीएससी अंतिम वर्ष के छात्र मयंक सेमवाल को परीक्षक की लापरवाही से कम अंक मिले हैं। मयंक का कहना है कि अंतिम वर्ष की मुख्य परीक्षा का परिणाम अगस्त माह में आया। परिणाम आने पर पता चला कि गणित में उसे 34 अंक दिए गए थे। जबकि उसे ज्यादा अंक मिलने की उम्मीद थी। उन्होंने बताया कि कम अंक मिलने से पूरा परिवार मायूस हुआ। मयंक ने कहा कि कम अंक के मामले की कुलसचिव व परीक्षा नियंत्रक से जांच की मांग की। उन्होंने बताया कि कुलसचिव ने उत्तरपुस्तिका का पुनर्मूल्याकंन करवाए जाने का आश्वासन दिया है।
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यह है मामला
श्रीनगर। बीएससी के छात्र मयंक सेमवाल ने गणित विषय की मुख्य परीक्षा में 20 प्रश्न हल किए थे। परीक्षक ने इसमें 16 प्रश्नों के उत्तर की जांच की है। चार प्रश्नों के उत्तर नहीं जांचे हैं। जबकि 15 प्रश्नों के अंक की चढ़ाए हैं। वहीं प्रश्न संख्या 14 का उत्तर सही देने के बावजूद दो अंक कम दिए हैं।
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सूचना देने में भी की देर
श्रीनगर। मुख्य परीक्षा में कम अंक आने पर मयंक ने सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत सूचना मांगी, लेकिन विवि ने एक माह से भी अधिक समय बाद सूचना दी।
छात्र के मुख्य परीक्षा में कापी जांचने में गड़बड़ी का मामला संज्ञान में आया है। कापी के पुनर्मूल्यांकन के लिए परीक्षा नियंत्रक को पत्र लिखा गया है। - डा. एके झा, कुलसचिव
छात्र के मुख्य परीक्षा की कापी जांच में परीक्षक द्वारा त्रुटि की गई है। कापी जांचने में छूटे प्रश्नों की जांच की जाएगी। - प्रो. केडी पुरोहित, परीक्षा नियंत्रक