महर्षि कण्व ऋषि की तपस्थली और चक्रवर्ती सम्राट भरत की जन्मस्थली कण्वाश्रम में वर्ष 2012 में निकली पुरातात्विक महत्व की करीब दर्जनभर मूर्तियां कण्वाश्रम विकास समिति के संग्रहालय में रखी जाएगी। क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी पौड़ी ने गुरुकुल कांगड़ी विवि हरिद्वार को पत्र लिखकर मूर्तियां समिति के सुपुर्द करने को कहा है।
कण्वाश्रम विकास समिति के अध्यक्ष कमांडर बीएस रावत (से.नि.) और महामंत्री आभा डबराल ने बताया कि कण्वाश्रम क्षेत्र में वर्ष 2012 की बरसात में मृग विहार के गदेरे में आई बाढ़ के साथ दर्जनों मूर्तियां निकली थी, जिसमें अधिकतर देव प्रतिमाएं और मंदिरों के स्तंभ थे। बताया कि तीन अगस्त 2016 को इन मूर्तियों को तत्कालीन डीएफओ के निर्देश पर गुरुकुल कांगड़ी विवि के प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के प्रोफेसर देवेंद्र कुमार गुप्ता के सुपुर्द कर दिया गया। समिति की ओर से क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी आशीष कुमार से पत्राचार किया गया है।