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Kotdwar News: शिक्षा के लिए बेटियां प्रतिदिन चलती हैं 28 किमी पैदल
Sun, 10 May 2026 07:03 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Sun, 10 May 2026 07:03 PM IST
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नजदीकी स्कूल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लयेड़सैंण के पांच वर्ष पहले बंद होने से हो रही दिक्कत
दुर्गम पहाड़ी रास्तों और घने जंगलों से गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं
कोटद्वार। विकासखंड जयहरीखाल के पैनल गांव की बालिकाएं प्रतिदिन 28 किलोमीटर पैदल चलकर शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं। उन्हें गांव से 14 किलोमीटर दूर राजकीय इंटर कॉलेज मठाली जाने के लिए दुर्गम पहाड़ी रास्तों और घने जंगलों से गुजरना पड़ता है। यह स्थिति लयेड़सैंण उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के पांच वर्ष पहले बंद हो जाने के कारण बनी है।
कांग्रेस नेता रघुबीर बिष्ट ने बताया कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान पैनल गांव में ग्रामीणों से यह समस्या बताई। क्षेत्रीय विधायक और सरकार की उदासीनता के कारण लयेड़सैंण विद्यालय बंद हुआ। पैनल गांव और आसपास के छात्रों को जानजोखिम में डालकर मठाली जाना पड़ता है। छात्र-छात्राएं प्रतिदिन तीन घंटे पैदल चलकर 14 किलोमीटर की दूरी तय करते हैं। सरकार को चेतावनी दी है कि यदि लयेड़सैंण विद्यालय शीघ्र शुरू नहीं किया गया तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।
चंद्रमोहन जदली बताते हैं कि पैनल गांव की छह बालिकाएं और बालक प्रतिदिन शिक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्हें घने जंगलों और ऊंची पहाड़ियों से होकर गुजरना पड़ता है।
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दुर्गम पहाड़ी रास्तों और घने जंगलों से गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं
कोटद्वार। विकासखंड जयहरीखाल के पैनल गांव की बालिकाएं प्रतिदिन 28 किलोमीटर पैदल चलकर शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं। उन्हें गांव से 14 किलोमीटर दूर राजकीय इंटर कॉलेज मठाली जाने के लिए दुर्गम पहाड़ी रास्तों और घने जंगलों से गुजरना पड़ता है। यह स्थिति लयेड़सैंण उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के पांच वर्ष पहले बंद हो जाने के कारण बनी है।
कांग्रेस नेता रघुबीर बिष्ट ने बताया कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान पैनल गांव में ग्रामीणों से यह समस्या बताई। क्षेत्रीय विधायक और सरकार की उदासीनता के कारण लयेड़सैंण विद्यालय बंद हुआ। पैनल गांव और आसपास के छात्रों को जानजोखिम में डालकर मठाली जाना पड़ता है। छात्र-छात्राएं प्रतिदिन तीन घंटे पैदल चलकर 14 किलोमीटर की दूरी तय करते हैं। सरकार को चेतावनी दी है कि यदि लयेड़सैंण विद्यालय शीघ्र शुरू नहीं किया गया तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।
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चंद्रमोहन जदली बताते हैं कि पैनल गांव की छह बालिकाएं और बालक प्रतिदिन शिक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्हें घने जंगलों और ऊंची पहाड़ियों से होकर गुजरना पड़ता है।
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