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Kotdwar News: समूह नृत्य प्रतियोगिता में जीजीआईसी दुगड्डा रहा प्रथम
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कोटद्वार। उत्तराखंड संस्कृत अकादमी की ओर से जीआईसी कोटद्वार में दो दिवसीय ब्लाकस्तरीय संस्कृत प्रतियोगिता आयोजित की गई। समूह नृत्य प्रतियोगिता के वरिष्ठ वर्ग में जीजीआईसी दुगड्डा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
प्रतियोगिता का उद्घाटन बतौर मुख्य अतिथि पीजी कालेज जयहरीखाल के प्राध्यापक डॉ. दिवाकर बेबनी ने किया। उन्होंने कहा कि देववाणी संस्कृत सभी भारतीय भाषाओं की जननी है। नई पीढ़ी को संस्कृत साहित्य का अध्ययन कर इसे आत्मसात करना चाहिए। इस मौके पर आयोजित समूह नृत्य प्रतियोगिता के वरिष्ठ वर्ग में जीजीआईसी दुगड्डा ने प्रथम, जीजीआईसी कलालघाटी ने द्वितीय, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज जानकीनगर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। समूहगान के वरिष्ठ वर्ग में सरस्वती विद्या मंदिर जानकीनगर प्रथम, पीजी कालेज कोटद्वार द्वितीय और जीजीआईसी कलालघाटी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। जूनियर वर्ग में जीजीआईसी कलालघाटी ने प्रथम, जीजीआईसी दुगड्डा ने द्वितीय और डीएवी पब्लिक स्कूल ने तृतीय स्थान पाया। श्लोक वाचन प्रतियोगिता कनिष्ठ वर्ग में परमार्थ वैदिक गुरूकुल ने प्रथम, जीजीआईसी लापानी ने द्वितीय और कन्या राउमावि शिवराजपुर को तीसरा स्थान मिला।
भाषण के कनिष्ठ वर्ग में अदिति रावत, अंकित, केशव चतुर्वेदी क्रमश: प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर रहे। वाद-विवाद प्रतियोगिता में डीएवी प्रथम, जीआईसी कोटद्वार द्वितीय और सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज जानकीनगर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। समूह नृत्य प्रतियोगिता कनिष्ठ वर्ग में जीआईसी कोटद्वार प्रथम, जीजीआईसी दुगड्डा द्वितीय, जीआईसी कण्वघाटी ने तृतीय स्थान पर रहा। नाटक में जीआईसी कोटद्वार प्रथम स्थान पर रहा। समापन समारोह में पीजी कालेज कोटद्वार की प्राध्यापक डाॅ. अरुणिमा मिश्रा, जीआईसी कोटद्वार के प्रधानाचार्य मुकेश रावत, विद्या मंदिर जानकीनगर के प्रधानाचार्य मनोज कुकरेती ने विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया।
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प्रतियोगिता में ब्लॉक के 10 विद्यालयों ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर जिला संयोजक रमाकांत कुकरेती, डॉ. पद्मेश बुड़ाकोटी, शोभा तिवारी, मनोज कुकरेती, किशोर बिडालिया, अशोक काला, मनमोहन सिंह चौहान, डॉ. मंजू कपरवाण, सुनीता शाह आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन कुलदीप मैंदोला और शोभा तिवारी ने संयुक्त रूप से किया।
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प्रतियोगिता का उद्घाटन बतौर मुख्य अतिथि पीजी कालेज जयहरीखाल के प्राध्यापक डॉ. दिवाकर बेबनी ने किया। उन्होंने कहा कि देववाणी संस्कृत सभी भारतीय भाषाओं की जननी है। नई पीढ़ी को संस्कृत साहित्य का अध्ययन कर इसे आत्मसात करना चाहिए। इस मौके पर आयोजित समूह नृत्य प्रतियोगिता के वरिष्ठ वर्ग में जीजीआईसी दुगड्डा ने प्रथम, जीजीआईसी कलालघाटी ने द्वितीय, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज जानकीनगर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। समूहगान के वरिष्ठ वर्ग में सरस्वती विद्या मंदिर जानकीनगर प्रथम, पीजी कालेज कोटद्वार द्वितीय और जीजीआईसी कलालघाटी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। जूनियर वर्ग में जीजीआईसी कलालघाटी ने प्रथम, जीजीआईसी दुगड्डा ने द्वितीय और डीएवी पब्लिक स्कूल ने तृतीय स्थान पाया। श्लोक वाचन प्रतियोगिता कनिष्ठ वर्ग में परमार्थ वैदिक गुरूकुल ने प्रथम, जीजीआईसी लापानी ने द्वितीय और कन्या राउमावि शिवराजपुर को तीसरा स्थान मिला।
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भाषण के कनिष्ठ वर्ग में अदिति रावत, अंकित, केशव चतुर्वेदी क्रमश: प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर रहे। वाद-विवाद प्रतियोगिता में डीएवी प्रथम, जीआईसी कोटद्वार द्वितीय और सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज जानकीनगर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। समूह नृत्य प्रतियोगिता कनिष्ठ वर्ग में जीआईसी कोटद्वार प्रथम, जीजीआईसी दुगड्डा द्वितीय, जीआईसी कण्वघाटी ने तृतीय स्थान पर रहा। नाटक में जीआईसी कोटद्वार प्रथम स्थान पर रहा। समापन समारोह में पीजी कालेज कोटद्वार की प्राध्यापक डाॅ. अरुणिमा मिश्रा, जीआईसी कोटद्वार के प्रधानाचार्य मुकेश रावत, विद्या मंदिर जानकीनगर के प्रधानाचार्य मनोज कुकरेती ने विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया।
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प्रतियोगिता में ब्लॉक के 10 विद्यालयों ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर जिला संयोजक रमाकांत कुकरेती, डॉ. पद्मेश बुड़ाकोटी, शोभा तिवारी, मनोज कुकरेती, किशोर बिडालिया, अशोक काला, मनमोहन सिंह चौहान, डॉ. मंजू कपरवाण, सुनीता शाह आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन कुलदीप मैंदोला और शोभा तिवारी ने संयुक्त रूप से किया।