{"_id":"617d4c5e8415e36062410872","slug":"fire-on-hanuman-s-tail-lanka-of-gold-burnt-kotdwar-news-drn3948459137","type":"story","status":"publish","title_hn":"हनुमान की पूंछ पर लगी आग, जली सोने की लंका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हनुमान की पूंछ पर लगी आग, जली सोने की लंका
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सनेह क्षेत्र के कुंभीचौड़ में आयोजित रामलीला के आठवें दिन सीता की खोज, अशोक वाटिका और लंका में आग की लीला का मंचन किया गया। आठवें दिन की रामलीला का पार्षद अनिल रावत ने शुभारंभ किया।
मंचन के पहले सीन में राम, लक्ष्मण और पूरी वानर सेना सीता माता की खोज कर रहे हैं। हनुमान को सीता माता का पता लगाने के लिए लंका भेजा जाता है, वहां उसकी मुलाकात विभीषण से होती है और विभीषण सीता माता का पता बताते हैं। सीता राम की मुद्रिका देेखकर व्याकुल हो जाती है, राम पेड़ से उतरकर सीता से भेंट करते हैं। इसके बाद हनुमान सीता की इजाजत लेकर अशोक वाटिका में फल खाने लगते हैं और इस दौरान वे पूरी अशोक वाटिका को नष्ट कर देते हैं। रावण को इस बात का पता चलते ही वह हनुमान को रोकने के लिए अपने छोटे पुत्र अक्षय कुमार को भेजते हैं, जहां अक्षय कुमार हनुमान के हाथों मारा जाता है। इसके बाद रावण अपने बड़े बेटे मेघनाथ को भेजता है। मेघनाथ हनुमान को नागपाश में बांधकर रावण के दरबार में ले आता है। दरबार में रावण के आदेश पर हनुमान को बांधकर उसकी पूंछ में आग लगा दी जाती है। पूंछ मेें आग लगते ही हनुमान विशाल रूप लेते हैं और रावण की सोने की लंका में आग लगा देते हैं। इस मौके पर मुख्य संरक्षक सतीश चंद्र, मनीष रावत, बुद्धि गुसाईं, दीवान सिंह रावत, रमेश रावत, अरुण बहुगुणा, सत्येंद्र रावत, गजेंद्र बिष्ट आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
मंचन के पहले सीन में राम, लक्ष्मण और पूरी वानर सेना सीता माता की खोज कर रहे हैं। हनुमान को सीता माता का पता लगाने के लिए लंका भेजा जाता है, वहां उसकी मुलाकात विभीषण से होती है और विभीषण सीता माता का पता बताते हैं। सीता राम की मुद्रिका देेखकर व्याकुल हो जाती है, राम पेड़ से उतरकर सीता से भेंट करते हैं। इसके बाद हनुमान सीता की इजाजत लेकर अशोक वाटिका में फल खाने लगते हैं और इस दौरान वे पूरी अशोक वाटिका को नष्ट कर देते हैं। रावण को इस बात का पता चलते ही वह हनुमान को रोकने के लिए अपने छोटे पुत्र अक्षय कुमार को भेजते हैं, जहां अक्षय कुमार हनुमान के हाथों मारा जाता है। इसके बाद रावण अपने बड़े बेटे मेघनाथ को भेजता है। मेघनाथ हनुमान को नागपाश में बांधकर रावण के दरबार में ले आता है। दरबार में रावण के आदेश पर हनुमान को बांधकर उसकी पूंछ में आग लगा दी जाती है। पूंछ मेें आग लगते ही हनुमान विशाल रूप लेते हैं और रावण की सोने की लंका में आग लगा देते हैं। इस मौके पर मुख्य संरक्षक सतीश चंद्र, मनीष रावत, बुद्धि गुसाईं, दीवान सिंह रावत, रमेश रावत, अरुण बहुगुणा, सत्येंद्र रावत, गजेंद्र बिष्ट आदि मौजूद थे।
विज्ञापन