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गढ़ महोत्सव में बिखरी संस्कृति की छटा
अमर उजाला ब्यूरो/ पौड़ी
Updated Sun, 06 Nov 2016 10:05 PM IST
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पौड़ी में गढ़ महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या में लोकगीत पर नृत्य करतीं छात्राएं।
- फोटो : amar ujala.
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स्कूली बच्चों की जूनियर व सीनियर वर्ग की सांस्कृतिक प्रतियोगिता में उत्तराखंड के लोकगीतों की धूम रही। जौनसारी-जौनपुरी, गढ़वाली, कुमाऊंनी गीतों में नौनिहालों ने मनमोहक नृत्य कर समा बांध दिया। गढ़ महोत्सव-2016 की सांस्कृतिक संध्या में 18 जूनियर व सीनियर विद्यालयों ने प्रतिभाग किया। डीपीएमआई व कुलानंद मुंडेपी नेत्र प्रशिक्षण संस्था के प्रशिक्षणार्थी छात्रों ने भी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
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मुख्य अतिथि उद्योगपति मोहन काला ने दीप प्रज्ज्वलित कर तीसरी सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ किया। चार दिनी गढ़ महोत्सव देश के अमर शहीदों को समर्पित है। अध्यक्ष त्रिभुवन उनियाल ने कहा कि यह महोत्सव बिना किसी सरकारी सहयोग के आयोजित किया जा रहा है। इस मौके पर आकाशवाणी में जमाने के लोकप्रिय उद्घोषक चक्रधर कंडवाल को सम्मानित किया गया। संचालन प्रमोद रावत व डॉ. वीपी बलोदी ने किया।
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रस्साकशी में बीआर मांटेसरी बना विजेता
गढ़ महोत्सव में रस्साकशी प्रतियोगिता के सीनियर बालक वर्ग में बीआर मांटेसरी विजेता एवं राजकीय इंटर कालेज उपविजेता रहा। सीनियर बालिका वर्ग में बीआर मांटेसरी स्कूल विजेता एवं एसजीआरआर उपविजेता बने। पुरुष ओपन वर्ग में डीपीएमआई विजेता एवं रामलीला कमेटी उपविजेता बना। महिला ओपन वर्ग में एकता मातृशक्ति विजेता एवं कुलानंद मुंडेपी उपविजेता बने। निर्णायक की भूमिका में प्रवीन नेगी, प्रदीप रावत रहे।
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