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ऐता गांव में धमके हाथी, लोगों ने भागकर बचाई जान
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दुगड्डा के ऐता गांव में हाथियों के द्वारा रौंदी गई गेहूं की फसल।
- फोटो : KOTDWAR
ब्लाक के ऐता गांव में सोमवार देर शाम को दो टस्कर हाथियों ने गांव में धमककर जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने गेहूं की फसल चट कर रौंद डाली। भगाने के लिए गए लोगों के पीछे ही हाथी दौड़ने लगे। लोगों ने बमुश्किल भागकर जान बचाई।
सोमवार को देर शाम सात बजे लोग घरों के बाहर बैठे हुए थे। तभी दो टस्कर हाथी गांव के पास खेत में धमक गए। उन्होंने ग्रामीण दमयंती देवी, बीना देवी, मोहनलाल बौंठियाल, सोहनलाल बौंठियाल, प्रभादेवी, ताजवर सिंह के गेहूं की फसल को चट कर रौंद दिया। हाथियों के खेत में धमकने की सूचना मिलते ही कुछ लोग हाथी को भगाने के लिए पहुंचे, जैसे ही लोग हाथी के करीब जाकर उन्हें भगाने की कोशिश की। वे उन्हीं के पीछे दौड़ पड़े। लोगों ने अपने घरों की ओर दौड़कर जान बचाई। इसके बाद सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने पटाखे छोड़कर बमुश्किल हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा।
उधर, दुगड्डा रेंज अधिकारी किशोर नौटियाल ने बताया कि हाथी कोरिडोर होने के कारण अक्सर आबादी में धमक जाते हैं। हाथी से सुरक्षा के लिए क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है। हाथी को गांव में जाने से रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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सोमवार को देर शाम सात बजे लोग घरों के बाहर बैठे हुए थे। तभी दो टस्कर हाथी गांव के पास खेत में धमक गए। उन्होंने ग्रामीण दमयंती देवी, बीना देवी, मोहनलाल बौंठियाल, सोहनलाल बौंठियाल, प्रभादेवी, ताजवर सिंह के गेहूं की फसल को चट कर रौंद दिया। हाथियों के खेत में धमकने की सूचना मिलते ही कुछ लोग हाथी को भगाने के लिए पहुंचे, जैसे ही लोग हाथी के करीब जाकर उन्हें भगाने की कोशिश की। वे उन्हीं के पीछे दौड़ पड़े। लोगों ने अपने घरों की ओर दौड़कर जान बचाई। इसके बाद सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने पटाखे छोड़कर बमुश्किल हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा।
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उधर, दुगड्डा रेंज अधिकारी किशोर नौटियाल ने बताया कि हाथी कोरिडोर होने के कारण अक्सर आबादी में धमक जाते हैं। हाथी से सुरक्षा के लिए क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है। हाथी को गांव में जाने से रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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