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Kotdwar News: वन सीमा से सटे वार्डों में नहीं बनी हाथी सुरक्षा दीवार, स्ट्रीट लाइटें भी नहीं

Sat, 04 Jan 2025 10:26 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jan 2025 10:26 PM IST
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Elephant protection wall not built in wards adjacent to forest border, not even street lights
कोटद्वार। एक बार फिर से नगर निगम के चुनाव आ गए हैं। मेयर से लेकर सभी 40 वार्डों में चुनाव का शोर शुरू हो गया है। गली-मोहल्ले में जनता की समस्याओं पर चर्चा होने लगी हैं, जो मुद्दे पांच साल पहले थे, वे जस के तस बरकरार हैं। इन पांच सालों में मुख्य मार्गों पर तो स्ट्रीट लाइटें काफी हद तक लगी, लेकिन वन सीमा से सटी आबादी की समस्याएं जस की तस हैं। लोग सवाल पूछने लगे हैं कि आखिर दूरदराज के इलाकों के लिए नगर निगम और उसके चुने हुए प्रतिनिधियों ने क्या किया है।
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दरअसल, यह सवाल इसलिए ज्यादा महत्वपूर्ण है कि नगर निगम के सभी 40 वार्ड चारों ओर से उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के जंगलों से घिरा हुआ है। भाबर और सनेह क्षेत्र के कई वार्डों में हाथी समेत अन्य जंगली जानवरों की धमक से खतरा बना हुआ है। इन वार्डों में स्ट्रीट लाइटों की पर्याप्त व्यवस्था भी नहीं है। क्षेत्रवासी लगातार हाथी सुरक्षा दीवार बनाने और स्ट्रीट लाइटें लगाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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भाबर क्षेत्र के अंतर्गत झंडीचौड़, लोकमणिपुर, सिगड्डी, रामदयालपुर, तेलीबाड़ा, उदयरामपुर, कोठला, मवाकोट, सत्तीचौड़, हल्दूखाता तल्ला, शिवराजपुर, दुर्गापुर, खूनीबड़, लालपुर, ध्रुवपुर, शिवपुर, सनेह क्षेत्र के अंतर्गत ग्रास्टनगंज, कुंभीचौड़ और सनेह क्षेत्र जंगल से सटे हुए हैं। यहां हाथी, गुलदार, जंगली सुअर, बंदर समेत अन्य वन्यजीव काश्तकारों की फसलों को तो नुकसान पहुंचाते ही है, हर समय मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका भी बनी रहती है। इस बार के नगर निगम के चुनाव में यह मुद्दा अहम हैं और लोगों को उम्मीद है कि नया मेयर और नगर निगम बोर्ड उनकी समस्याओं का निराकरण करेगा।
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उत्तर प्रदेश के जंगलों से सटा होने के कारण झंडीचौड़ क्षेत्र में हाथी समेत अन्य वन्यजीवों का आवागमन लगातार बना रहता है। सीमा क्षेत्र में हाथी सुरक्षा दीवार के साथ ही प्रकाश व्यवस्था की अत्यंत आवश्यकता है।



- जगत सिंह सौंद निवासी झंडीचौड़ पश्चिमी। (फोटो)

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भाबर के उदयरामपुर में वन सीमा से सटी सड़क की हालत खस्ताहाल है। वन सीमा से सटा होने के कारण यहां वन्यजीवों की धमक बनी रहती है, जिससे जानमाल

के नुकसान का खतरा बना रहता है।



- बलदेव प्रसाद डबराल, निवासी उदयरामपुर। (फोटो)

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वन सीमा में बनी हाथी सुरक्षा दीवार की ऊंचाई कम होने के कारण क्षेत्र वन्य जीवों का आवागमन लगातार बना रहता है। कई जगह पर स्ट्रीट लाइट न होने के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

- भारत भूषण बलूनी निवासी उदयरामपुर। (फोटो)



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झंडीचौड़ पूर्वी वार्ड के बीच से एक बरसाती नाला है जिसके कारण स्थानीय लोगों को बरसात के मौसम में बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट की कमी के कारण मानव वन्यजीव संघर्ष बड़ी समस्या है।




- बृजमोहन सिंह रावत, निवासी झंडीचौड़ पूर्वी। (फोटो)

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पूर्व में बनाई गई हाथी सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त होने से सनेह क्षेत्र के कोटड़ीढांग व रामपुर में हाथी की आवाजाही लगातार बनी रहती है। कुंभीचौड़ कोटड़ीढांग सनेह मार्ग पर करीब 14 पोलों में स्ट्रीट लाइटें भी नहीं हैं।



- मोहन सिंह रावत निवासी रामपुर कोटड़ीढांग।
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