{"_id":"632b4269cdb4fa309466a88b","slug":"dheeraj-clashed-with-guldar-to-save-his-friend-kotdwar-news-drn4234160199","type":"story","status":"publish","title_hn":"डर पर भारी साहस: दोस्त को बचाने के लिए गुलदार से भिड़ गया धीरज, मौत के मुंह से खींचकर बचाई जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डर पर भारी साहस: दोस्त को बचाने के लिए गुलदार से भिड़ गया धीरज, मौत के मुंह से खींचकर बचाई जान
Thu, 22 Sep 2022 06:27 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 22 Sep 2022 06:27 PM IST
सार
हिम्मत दिखाते हुए गुलदार के पंजों से अपने साथी सुनील को छुड़ाने के लिए धीरज गुलदार से भिड़ गया। उसके शोर मचाने पर गुलदार जंगल की ओर भाग खड़ा हुआ।
विज्ञापन
गुलदार
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
विस्तार
दोस्त को बचाने के लिए एक युवक गुलदार से भिड़ गया और दोनों की जान बच गई। बुधवार सुबह छह बजे दोस्त को गुमखाल छोड़कर वापस पैदल लौट रहे दो युवकों पर झारापानी के पास गुलदार ने हमला कर दिया। घायल युवकों का छावनी चिकित्सालय में उपचार कराया गया। दोनों युवक सेना में भर्ती होने के लिए नगर में किराए पर रह रहे हैं।
विज्ञापन
छावनी की प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. मनीषा अग्रवाल ने बताया कि सुनील सिंह (24) और धीरज सिंह (23) हाल निवासी लैंसडौन को गुलदार ने घायल कर दिया। गुलदार को देखकर दोनों भागने लगे। इस दौरान उसने सुनील पर हमला कर दिया।
विज्ञापन
हिम्मत दिखाते हुए गुलदार के पंजों से अपने साथी सुनील को छुड़ाने के लिए धीरज गुलदार से भिड़ गया। उसके शोर मचाने पर गुलदार जंगल की ओर भाग खड़ा हुआ। हमले में दोनों युवकों के हाथ व घुटनों में चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों युवकों को छुट्टी दे दी गई है।
विज्ञापन
चार सितंबर को एक गुलदार पिंजरे में हो चुका कैद
वन विभाग ने चार सितंबर को एक गुलदार पिंजरे में कैद कर अन्य किसी सुरक्षित जगह पर छोड़ दिया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि लैंसडौन पर्यटन नगरी है। यहां गुलदारों के बढ़ते हमले पर्यटन गतिविधियों पर भी असर डालेंगे। समाज सेवी डा. एसपी नैथानी का कहना है कि वन विभाग को ऐसे मामलों में गंभीरता दिखाने की जरूरत है। एक गुलदार के पिंजरे में कैद होने के बाद भी हमले जारी रहना गंभीर बात है।