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नए नियम के विरोध में प्रदर्शन
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राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोटद्वार के छात्रों ने गढ़वाल विश्वविद्यालय द्वारा उत्तर पुस्तिका की छाया प्रति लेने के लिए भारी भरकम शुल्क वसूलने और इसके लिए परीक्षा परिणाम घोषित होने के 15 दिन के भीतर आवेदन करने की समय सीमा निर्धारित करने के विरोध में महाविद्यालय में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से नए नियम को अविलंब वापस लेने की मांग की है।
मंगलवार को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के छात्र महाविद्यालय में एकत्र हुए, यहां उन्होंने गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय श्रीनगर के कुलसचिव के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इस मौके पर पूर्व विश्वविद्यालय प्रतिनिधि सौरभ पांडेय ने कहा कि पूर्व में छात्र-छात्राएं अपनी उत्तर पुस्तिका की छाया प्रति 10 रुपये का स्टांप लगाकर आरटीआई से प्राप्त कर लेते थे। इस प्रक्रिया के लिए कोई समय सीमा भी तय नहीं थी। परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद छात्र कभी भी आवेदन कर देते थे, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन के नए नियम के तहत जहां छात्रों को उत्तर पुस्तिका की छाया प्रति के लिए छह सौ रुपये का भुगतान करना होगा, वहीं परीक्षा परिणाम घोषित होने के 15 दिन के भीतर ही छाया प्रति के लिए आवेदन करना होगा। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में अपनी गलतियां छुपाने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नए नियम को अविलंब वापस नहीं लिया गया तो छात्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। प्रदर्शन करने वालों में छात्रसंघ अध्यक्ष सोहन सिंह, अकुल शाह, समीर, आशीष, तरूण इष्टवाल, अभिषेक काला, मोहित, नरेश कोटनाला, पूर्व छात्रा प्रतिनिधि शिवानी काला, सरिता, शिवांगी, शालू आदि शामिल रहे।
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मंगलवार को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के छात्र महाविद्यालय में एकत्र हुए, यहां उन्होंने गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय श्रीनगर के कुलसचिव के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इस मौके पर पूर्व विश्वविद्यालय प्रतिनिधि सौरभ पांडेय ने कहा कि पूर्व में छात्र-छात्राएं अपनी उत्तर पुस्तिका की छाया प्रति 10 रुपये का स्टांप लगाकर आरटीआई से प्राप्त कर लेते थे। इस प्रक्रिया के लिए कोई समय सीमा भी तय नहीं थी। परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद छात्र कभी भी आवेदन कर देते थे, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन के नए नियम के तहत जहां छात्रों को उत्तर पुस्तिका की छाया प्रति के लिए छह सौ रुपये का भुगतान करना होगा, वहीं परीक्षा परिणाम घोषित होने के 15 दिन के भीतर ही छाया प्रति के लिए आवेदन करना होगा। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में अपनी गलतियां छुपाने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नए नियम को अविलंब वापस नहीं लिया गया तो छात्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। प्रदर्शन करने वालों में छात्रसंघ अध्यक्ष सोहन सिंह, अकुल शाह, समीर, आशीष, तरूण इष्टवाल, अभिषेक काला, मोहित, नरेश कोटनाला, पूर्व छात्रा प्रतिनिधि शिवानी काला, सरिता, शिवांगी, शालू आदि शामिल रहे।
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