{"_id":"6905fd0ad56cf3719d0b8951","slug":"demand-for-approval-of-roads-stuck-in-forest-laws-including-laldhang-road-kotdwar-news-c-49-1-sdrn1007-119547-2025-11-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kotdwar News: लालढांग मार्ग समेत वन कानूनों में अटकी सड़कों की स्वीकृति दिलाने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kotdwar News: लालढांग मार्ग समेत वन कानूनों में अटकी सड़कों की स्वीकृति दिलाने की मांग
Sat, 01 Nov 2025 05:58 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Sat, 01 Nov 2025 05:58 PM IST
विज्ञापन
कोटद्वार। यूकेडी की महानगर इकाई कण्वनगरी कोटद्वार की ओर से शनिवार को क्षेत्रीय विधायक व विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी के कैंप कार्यालय कोटद्वार में धरना प्रदर्शन किया। यूकेडी कार्यकर्ता व पदाधिकारी लालढांग-चिल्लरखाल मार्ग समेत वन अधिनियम के कारण रुके हुए मोटर मार्गों की स्वीकृति दिलाने की मांग की।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यूकेडी के कार्यकर्ता शनिवार सुबह 10:00 बजे कोटद्वार के लोनिवि निरीक्षण भवन स्थित विधायक के कैंप कार्यालय पहुंचे। यहां करीब दो घंटे सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान यूकेडी के संरक्षक डॉ. शक्ति शैल कपरवाण ने उत्तराखंड के सांसदों पर आरोप लगाया कि उनकी लापरवाही के कारण चिल्लरखाल-लालढांग, कोटद्वार-कालागढ़ और यमकेश्वर विकासखंड में बीन नदी पुल का निर्माण, कौड़िया- किमसार मोटर मार्ग का डामरीकरण, नीलकंठ-पटना -गरुड़चट्टी मोटर मार्ग आदि सड़कों का निर्माण कार्य रुका पड़ा है। उन्होंने सांसदों से संसद में वन एवं वन्यजीव कानूनों में संशोधन कर इसे जनोपयोगी व विकास उन्मुख बनाने की मांग उठाई। कहा कि राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड, एनजीटी व सुप्रीम कोर्ट में वन कानूनों से संबंधित लंबित मोटर मार्गों के निर्माण की स्वीकृति दिलाई जानी चाहिए। महेंद्र सिंह रावत ने कहा कि दो महीने से अधिक समय से चिल्लरखाल में सड़क निर्माण के लिए आंदोलन हो रहा है, लेकिन सरकार सोई हुई है।
धरना प्रदर्शन में महानगर अध्यक्ष जगदीपक सिंह रावत, पितृशरण जोशी, जनपद अध्यक्ष मुकेश बड़थ्वाल, सत्यपाल सिंह नेगी, प्रवेश नवानी, देवेन्द्र सिंह रावत, भारत मोहन काला, पुष्कर सिंह रावत, गुलाब सिंह रावत, हयात सिंह आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यूकेडी के कार्यकर्ता शनिवार सुबह 10:00 बजे कोटद्वार के लोनिवि निरीक्षण भवन स्थित विधायक के कैंप कार्यालय पहुंचे। यहां करीब दो घंटे सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान यूकेडी के संरक्षक डॉ. शक्ति शैल कपरवाण ने उत्तराखंड के सांसदों पर आरोप लगाया कि उनकी लापरवाही के कारण चिल्लरखाल-लालढांग, कोटद्वार-कालागढ़ और यमकेश्वर विकासखंड में बीन नदी पुल का निर्माण, कौड़िया- किमसार मोटर मार्ग का डामरीकरण, नीलकंठ-पटना -गरुड़चट्टी मोटर मार्ग आदि सड़कों का निर्माण कार्य रुका पड़ा है। उन्होंने सांसदों से संसद में वन एवं वन्यजीव कानूनों में संशोधन कर इसे जनोपयोगी व विकास उन्मुख बनाने की मांग उठाई। कहा कि राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड, एनजीटी व सुप्रीम कोर्ट में वन कानूनों से संबंधित लंबित मोटर मार्गों के निर्माण की स्वीकृति दिलाई जानी चाहिए। महेंद्र सिंह रावत ने कहा कि दो महीने से अधिक समय से चिल्लरखाल में सड़क निर्माण के लिए आंदोलन हो रहा है, लेकिन सरकार सोई हुई है।
विज्ञापन
धरना प्रदर्शन में महानगर अध्यक्ष जगदीपक सिंह रावत, पितृशरण जोशी, जनपद अध्यक्ष मुकेश बड़थ्वाल, सत्यपाल सिंह नेगी, प्रवेश नवानी, देवेन्द्र सिंह रावत, भारत मोहन काला, पुष्कर सिंह रावत, गुलाब सिंह रावत, हयात सिंह आदि शामिल रहे।
विज्ञापन