{"_id":"59e0f25a4f1c1b9e678b58fd","slug":"171507914330-kotdwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के आरोपी को दस साल की सश्रम कैद, 14 हजार जुर्माना","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के आरोपी को दस साल की सश्रम कैद, 14 हजार जुर्माना
Updated Fri, 13 Oct 2017 10:35 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोटद्वार। जिला एवं सत्र न्यायाधीश कंवरसेन ने शुक्रवार को कोटद्वार कैंप कोर्ट में कालागढ़ में वर्ष 2015 में किशोरी के अपहरण और दुराचार के आरोपी युवक को दस साल की सश्रम कैद और 14 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अभियुक्त को चार मामलों में दोषसिद्ध पाते हुए अलग-अलग सजाएं सुनाई गई हैं। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। कोर्ट ने राज्य सरकार को पीड़िता को पांच लाख रुपये का विशेष मुआवजा देने का आदेश दिया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता अवनीश नेगी ने बताया कि कालागढ़ निवासी रोहिताश सिंह ने कालागढ़ थाने में तीन जुलाई, 2015 को एक मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें उनके घर आई किशोरी की गुमशुदगी की बात कही गई थी। किशोरी के बरामद होने के बाद कोर्ट में दर्ज बयान में यह मामला अपहरण और दुष्कर्म का निकला। मामले में कई दिनों तक चली सुनवाई के बाद शुक्रवार को कोर्ट ने सजा के प्रश्न पर सुनवाई करते हुए फैसला दिया। कोर्ट ने अभियुक्त नृपेंद्र कुमार को आईपीसी की धारा 376 में दस साल की कैद और पांच हजार रुपये का जुर्माना, पोक्सो में दस साल की कैद और पांच हजार रुपये जुर्माना, आईपीसी की धारा 363 में पांच साल की कैद और दो हजार रुपये का जुर्माना और आईपीसी 366ए में पांच साल की सजा और दो हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
शासकीय अधिवक्ता ने अवनीश नेगी ने बताया कि कोर्ट ने पीड़िता को पांच लाख रुपये के विशेष मुआवजे के भुगतान के आदेश भी दिए हैं। बृहस्पतिवार को कोर्ट ने अभियुक्त नृपेंद्र कुमार को दोषसिद्ध करार दिया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार अपहरणकर्ता नृपेंद्र पीड़िता को कालागढ़ से अपहरण कर हरिद्वार ले गया था, जहां उसने उसे एक धर्मशाला में बंद कर रखा और उसके साथ दुष्कर्म किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला शासकीय अधिवक्ता अवनीश नेगी ने बताया कि कालागढ़ निवासी रोहिताश सिंह ने कालागढ़ थाने में तीन जुलाई, 2015 को एक मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें उनके घर आई किशोरी की गुमशुदगी की बात कही गई थी। किशोरी के बरामद होने के बाद कोर्ट में दर्ज बयान में यह मामला अपहरण और दुष्कर्म का निकला। मामले में कई दिनों तक चली सुनवाई के बाद शुक्रवार को कोर्ट ने सजा के प्रश्न पर सुनवाई करते हुए फैसला दिया। कोर्ट ने अभियुक्त नृपेंद्र कुमार को आईपीसी की धारा 376 में दस साल की कैद और पांच हजार रुपये का जुर्माना, पोक्सो में दस साल की कैद और पांच हजार रुपये जुर्माना, आईपीसी की धारा 363 में पांच साल की कैद और दो हजार रुपये का जुर्माना और आईपीसी 366ए में पांच साल की सजा और दो हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
विज्ञापन
शासकीय अधिवक्ता ने अवनीश नेगी ने बताया कि कोर्ट ने पीड़िता को पांच लाख रुपये के विशेष मुआवजे के भुगतान के आदेश भी दिए हैं। बृहस्पतिवार को कोर्ट ने अभियुक्त नृपेंद्र कुमार को दोषसिद्ध करार दिया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार अपहरणकर्ता नृपेंद्र पीड़िता को कालागढ़ से अपहरण कर हरिद्वार ले गया था, जहां उसने उसे एक धर्मशाला में बंद कर रखा और उसके साथ दुष्कर्म किया था।
विज्ञापन