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नगर निगम में दस्तावेजों से छेड़छाड़ के मामले में पकड़ा तूल
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कोटद्वार। नगर निगम कार्यालय में मंगलवार रात को कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से कंप्यूटर और सरकारी दस्तावेजों से छेड़छाड़ का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मामले में नगर निगम के सफाई निरीक्षक की ओर से नगर आयुक्त को पत्र भेजकर मामले की जांच कराने का अनुरोध किया गया है।
गत 25 जून की रात को नगर निगम के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से कार्यालय के कंप्यूटर और सरकारी दस्तावेजों से छेड़छाड़ की गई। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकार्ड हो गई और इसका वीडियो भी वायरल हो गया था। मामले में बृहस्पतिवार को भाजपा पार्षदों ने नगर आयुक्त को मामले में ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग उठाई थी। इसके अलावा भाजपा पार्षदों ने मेयर हेमलता नेगी का घेराव भी किया था।
मामला बढ़ता देख अब नगर निगम प्रशासन भी हरकत में आ गया है। मामले में सफाई निरीक्षक सुनील कुमार ने नगर आयुक्त को भेजे पत्र में कहा कि 25 जून की रात सवा आठ बजे उन्हें कर्मचारी का फोन आया कि नगर निगम कार्यालय खुला है। सूचना पर वे मौके पर पहुंचे तो देखा कि निगम के दो पार्षद के साथ ही एक आउटसोर्स कंप्यूटर ऑपरेटर कार्यालय में कंप्यूटर खोलकर बैठे थे। पत्र में कहा गया कि कंप्यूटर में स्वास्थ्य अनुभाग, गृहकर अनुभाग, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ सर्वेक्षण व एमआईएस आदि डाक्यूमेंट का डाटा है। प्रधानमंत्री आवास योजना और स्वच्छ भारत मिशन पर पूर्णत: ऑनलाइन कार्य होता है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराकर तीनों से यह भी पूछा जाए कि उन्होंने किसकी अनुमति से सरकारी कंप्यूटर और सरकारी दस्तावेजों से छेड़छाड़ की।
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गत 25 जून की रात को नगर निगम के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से कार्यालय के कंप्यूटर और सरकारी दस्तावेजों से छेड़छाड़ की गई। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकार्ड हो गई और इसका वीडियो भी वायरल हो गया था। मामले में बृहस्पतिवार को भाजपा पार्षदों ने नगर आयुक्त को मामले में ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग उठाई थी। इसके अलावा भाजपा पार्षदों ने मेयर हेमलता नेगी का घेराव भी किया था।
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मामला बढ़ता देख अब नगर निगम प्रशासन भी हरकत में आ गया है। मामले में सफाई निरीक्षक सुनील कुमार ने नगर आयुक्त को भेजे पत्र में कहा कि 25 जून की रात सवा आठ बजे उन्हें कर्मचारी का फोन आया कि नगर निगम कार्यालय खुला है। सूचना पर वे मौके पर पहुंचे तो देखा कि निगम के दो पार्षद के साथ ही एक आउटसोर्स कंप्यूटर ऑपरेटर कार्यालय में कंप्यूटर खोलकर बैठे थे। पत्र में कहा गया कि कंप्यूटर में स्वास्थ्य अनुभाग, गृहकर अनुभाग, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ सर्वेक्षण व एमआईएस आदि डाक्यूमेंट का डाटा है। प्रधानमंत्री आवास योजना और स्वच्छ भारत मिशन पर पूर्णत: ऑनलाइन कार्य होता है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराकर तीनों से यह भी पूछा जाए कि उन्होंने किसकी अनुमति से सरकारी कंप्यूटर और सरकारी दस्तावेजों से छेड़छाड़ की।
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