{"_id":"62a88f86a9336916131e2a54","slug":"craft-dance-information-given-to-women-and-children-kotdwar-news-drn4145182173","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिलाओं और बच्चों को दी क्राफ्ट, नृत्य की जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिलाओं और बच्चों को दी क्राफ्ट, नृत्य की जानकारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अभ्युदय परिवार की ओर से सात दिवसीय आओ सीखें निशुल्क कार्यशाला नरेंद्र क्लब लैंसडौन में शुरू हो गई है। पहले दिन बच्चों और महिलाओं को क्राफ्ट, नृत्य, सेल्फ मेकअप, स्टोन पेंटिंग, मेहंदी, सिलाई, बुनाई का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण को लेकर बच्चों और महिलाओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कार्यशाला का शुभारंभ सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य सुमन भटनागर, पूर्व प्रधानाचार्य वसुंधरा मायाकोटी, जीजीआईसी लैंसडौन की प्रधानाचार्य रामेश्वरी बड़वाल ने संयुक्त रूप से किया। पूर्व प्रधानाचार्य वसुंधरा मायाकोटी ने कहा कि ऐसी कार्यशाला से बच्चों को अपना हुनर दिखाने को मिलता है। साथ ही उनके आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। प्रधानाचार्य रामेश्वरी बड़वाल ने कहा कि बच्चे इस प्रकार की कार्यशाला से बहुत कुछ सीखते हैं। बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है और उनका मानसिक विकास होता है। अभ्युदय परिवार की संयोजिका भावना वर्मा ने कहा कि कार्यशाला में अभी तक 147 बच्चों ने अपना नामांकन करा दिया है। इस मौके पर शिक्षिका मीना अधिकारी, ज्योति वर्मा, सुचित्रा हलधर, मंजू शर्मा, लैंसी खंडेलवाल, मोनिका चौहान, माया देवी, पूनम बौंठियाल, रुचि अग्रवाल, उपासना अग्रवाल, कार्यशाला प्रशिक्षक लक्ष्मी थापा, रीमा रावत आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
कार्यशाला का शुभारंभ सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य सुमन भटनागर, पूर्व प्रधानाचार्य वसुंधरा मायाकोटी, जीजीआईसी लैंसडौन की प्रधानाचार्य रामेश्वरी बड़वाल ने संयुक्त रूप से किया। पूर्व प्रधानाचार्य वसुंधरा मायाकोटी ने कहा कि ऐसी कार्यशाला से बच्चों को अपना हुनर दिखाने को मिलता है। साथ ही उनके आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। प्रधानाचार्य रामेश्वरी बड़वाल ने कहा कि बच्चे इस प्रकार की कार्यशाला से बहुत कुछ सीखते हैं। बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है और उनका मानसिक विकास होता है। अभ्युदय परिवार की संयोजिका भावना वर्मा ने कहा कि कार्यशाला में अभी तक 147 बच्चों ने अपना नामांकन करा दिया है। इस मौके पर शिक्षिका मीना अधिकारी, ज्योति वर्मा, सुचित्रा हलधर, मंजू शर्मा, लैंसी खंडेलवाल, मोनिका चौहान, माया देवी, पूनम बौंठियाल, रुचि अग्रवाल, उपासना अग्रवाल, कार्यशाला प्रशिक्षक लक्ष्मी थापा, रीमा रावत आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन