फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Kotdwar News ›   Corbett administration demolished five culverts overnight on Pakhro-Kalagarh road

कार्बेट प्रशासन ने पाखरो-कालागढ़ मार्ग पर रातों रात ध्वस्त कराई पांच पुलिया

Mon, 21 Mar 2022 06:48 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 21 Mar 2022 06:48 PM IST
विज्ञापन
Corbett administration demolished five culverts overnight on Pakhro-Kalagarh road
कार्बेट प्रशासन द्वारा कोटद्वार-कालागढ़ मार्ग पर ध्वस्त की गई पुलिया। - फोटो : KOTDWAR
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) प्रशासन ने रविवार को रातोंरात कालागढ़ टाइगर रिजर्व वन प्रभाग (केटीआर) के अंतर्गत पाखरो-कालागढ़ मार्ग पर टाइगर सफारी में सुगम आवाजाही के लिए बनाई गई पांच पुलिया ध्वस्त कर दी हैं। वन अधिकारियों के अनुसार ये निर्माण एनटीसीए की ओर से अवैध निर्माण में शामिल किए गए थे। इससे पूर्व अवैध निर्माण में शुमार पाखरो और मोरघट्टी में चार-चार कुल आठ भवन ध्वस्त किए जा चुके हैं।
विज्ञापन

सीटीआर के निदेशक राहुल कुमार की अगुवाई में रविवार देर शाम कोटद्वार पाखरो कालागढ़ मार्ग पर सोनानदी रेंज के अंतर्गत पूर्व में बनाई गई पांच पुलिया जेसीबी लगाकर ध्वस्त करा दी गईं। वन विभाग की ओर से रविवार को दिन में ही जेसीबी मंगवा ली गई थीं। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से पूर्व वन विभाग की ओर से इस मार्ग को दोनों ओर से बंद कर दिया गया था। यहां तक कि किसी कर्मचारी अथवा अधिकारी को फोटोग्राफ और वीडियो बनाने तक की अनुमति नहीं दी गई थी। कार्रवाई के दौरान केटीआर के डीएफओ प्रकाश आर्य और अधीनस्थ कर्मचारी मौजूद रहे। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक मधुकर धकाते ने बताया कि राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की ओर से पाखरो और मोरघट्टी में बने भवनों के साथ ही इन पुलियों को भी अवैध निर्माण घोषित किया गया था, जिनके ध्वस्तीकरण के लिए कार्बेट के अधिकारियों को निर्देशित किया गया था। इसमें मोरघट्टी के चार भवनों को छह नवंबर और पाखरों के चार भवनों को 12 मार्च को ध्वस्त किया जा चुका है। इस मामले में विभागीय जांच के बाद शासन ने तत्कालीन डीएफओ किशनचंद को जहां मुख्यालय अटैच किया हुआ है, वहीं एक रेंज अधिकारी बीबी शर्मा पर निलंबन की गाज गिर चुुकी है।
विज्ञापन

विवादों के कारण पूरा नहीं हो सका पाखरो टाइगर सफारी का निर्माण कार्य
कोटद्वार से करीब 30 किमी दूर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के केटीआर वन प्रभाग की पाखरों रेंज में प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट टाइगर सफारी का निर्माण कार्य अभी पूरा नहीं हो सका है। निर्माण के दौरान से ही यह क्षेत्र विवादों में आ गया था। टाइगर सफारी के निर्माण के लिए अनुमति से अधिक संख्या में पेड़ काटे जाने और कलवर्ट व पुलियों का निर्माण करने की शिकायत की जांच के लिए एनटीसीए की तीन सदस्यीय टीम ने बीते वर्ष सितंबर अंतिम सप्ताह में पाखरो व मोरघट्टी का निरीक्षण किया था। एनटीसीए ने निरीक्षण के बाद अपनी रिपोर्ट में कॉर्बेट के भीतर अवैध निर्माण पर सवाल खड़े करते हुए वहां पारिस्थितकीय बहाली का काम शुरू करने की सिफारिश की थी। उत्तराखंड हाईकोर्ट में भी यह मामला विचाराधीन है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed