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‘कांग्रेस ने दिलाए दलितों को अधिकार’

Sun, 11 Dec 2016 10:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला काोटद्वार
ब्यूरो/अमर उजाला काोटद्वार Updated Sun, 11 Dec 2016 10:43 PM IST
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"Congress has a right to bring Dalits"
राजनी‌ितति - फोटो : अमर उजाला

कांग्रेस अनुसूचित जाति महिला महासम्मेलन में भाजपा और आरएसएस को दलितों का विरोधी करार दिया गया। कहा कि कांग्रेस ने ही दलितों को उनके अधिकार दिलाए।

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यहां प्रेक्षागृह में आयोजित सम्मेलन में रविवार को कांग्रेस के एससी/एसटी प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रभारी एसपी सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस ने हमेशा दलितों के अधिकारों को कम करने का काम किया, जबकि कांग्रेस ने हमेशा उनको आगे बढ़ाया।
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विधायक सुंदरलाल मंद्रवाल ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा ही महिलाओं का सम्मान किया। उन्होंने कहा कि पौड़ी विधानसभा क्षेत्र में ढाई सौ सड़कों का निर्माण हुआ है। कहीं सड़क कटिंग हो रही है तो कहीं डामरीकरण। कलेक्ट्रेट भवन और बस अड्डे का निर्माण उन्होंने ही कराया।
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प्रदेश अध्यक्ष सुशील बेंगवाल ने कहा कि कांग्रेस को दलितों का वास्तविक मित्र बताया। कार्यक्रम संयोजक मीना बछुवांण ने सभी अतिथियों का शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ही एकमात्र पार्टी है, जिसने महिलाओं को मान दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और लोकसभा अध्यक्ष की कुर्सी में महिला को बैठाया।
नवल किशोर ने कार्यकर्ताओं से कांग्रेस की विकास की योजनाएं जनता तक पहुंचाने और चुनाव में पार्टी उम्मीदवार को जिताने के लिए एकजुट रहने का आह्वान किया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष कामेश्वर राणा, तामेश्वर आर्य, केशवानंद आर्य, संगीता रावत, भरत सिंह, विनोद सिंह व रेखा भंडारी आदि मौजूद थे।
 
-फोटो

विधायक के खिलाफ और समर्थन में हंगामा
दलित समाज के युवाओं को रोजगार नहीं दिए जाने का लगाया आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
पौड़ी।
कांग्रेस के महिला दलित महासम्मेलन में संचालन कर रहे केशवानंद आर्य ने जैसे ही अपनी ही पार्टी के विधायक के खिलाफ बोलना शुरू किया तो समर्थन और विरोध में हंगामा होने लगा। केशवानंद आर्य ने कहा कि दलित समाज का विधायक होने के बावजूद वह पिछले साढ़े चार साल में उनके सुख-दुख में शामिल नहीं हुए। दलित समाज के युवाओं को कोई रोजगार नहीं दिलाया गया। उनके यह बोलते ही सभास्थल पर विधायक समर्थक और विरोधी आमने-सामने आ गए। हंगामा होने लगा और महिलाएं कुर्सियों से उठ गईं।

विधायक का विरोध होने पर कई महिला कांग्रेसी सभास्थल से जाने लगीं। उनका कहना था कि विधायक का विरोध ही करना है तो पार्टी फोरम पर करें न कि इस तरह सभास्थल पर। जबकि विधायक का विरोध कर रही महिलाएं अपनी बात सभी के सामने रखने पर अड़ गईं। इससे काफी देर तक गहमागहमी का माहौल हो गया।
हंगामा बढ़ने पर कांग्रेस के एससी/एसटी प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रभारी एसपी सिंह ने माइक संभाला और कार्यकर्ताओं को शांत होकर अपनी बात रखने का अनुरोध किया।

नेता बनने के लिए बेलने पड़ते हैं पापड़
विधायक सुंदरलाल मंद्रवाल ने आलोचकों को जवाब देते हुए कहा कि नेता बनने के लिए पापड़ बेलने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि जो हंगामा कर रहे हैं, वे चुनाव लड़ना चाहते हैं, जबकि उन्होंने उनको पिछले साढ़े चार साल में हर स्तर से मदद की है।
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