फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Kotdwar News ›   cleaning in ITI

आईटीआई परिसर से मलबा सफाई के लिए किया श्रमदान

Sat, 30 Jan 2016 06:29 PM IST
श्रीनगर
श्रीनगर Updated Sat, 30 Jan 2016 06:29 PM IST
विज्ञापन
ढाई वर्ष तक इंतजार के बाद भी जब सरकार ने खामोशी नहीं तोड़ी तो शहर एवं निकटवर्ती गांवों के लोगों ने कंधे से कंधा मिला कर खुद आईटीआई से मलबा साफ करने के लिए श्रमदान किया। श्रमदान के दौरान उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
विज्ञापन

 श्रीनगर सहित खंडाह, डांग और मलेथा के लोगों ने तयशुदा कार्यक्रम के तहत पुराना श्रीनगर बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले पूर्वाह्न 11 बजे से आईटीआई के मोटर मेकेनिकल यूनिट में एकत्रित हुए। फावड़ा, गैंती बेलचा और अन्य सामान लेकर लोग मलबे से आधे भरे कमरे के अंदर घुस गए। वहां उन्हें एक वाहन की छत दिखी तो उसे निकालने के लिए उत्साहित लोग नारेबाजी के साथ काम में जुट गए।  
विज्ञापन

मौके पर पहुंचे एसडीएम रजा अब्बास ने श्रमदानियों को शासन का पत्र दिखाते हुए बताया कि आईटीआई इसी स्थान पर बनेगी। इससे पहले शासन की ओर से गठित समिति रिपोर्ट देगी कि मलबा सफाई करके भवन निर्माण करना है या मलबे के ऊपर निर्माण किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

आंदोलनकारियों ने एसडीएम की बात मानने से इन्कार कर दिया। उन्होंने इसे आंदोलन कुचलने की साजिश बताया। श्रमदान के जरिये सरकार को यह संदेश भेजा जा रहा है कि जब जनता मलबा सफाई कर सकती है, तो सरकार क्यों नहीं। श्रमदान करने वालों ने निर्णय लिया कि जांच कमेटी समिति को भी विश्वास में ले। श्रमदान रविवार को भी जारी रहेगा। इस अवसर पर समिति के संरक्षक अनिल स्वामी, संयोजक कमलेश नैथानी, सभासद सुधांशु नौडियाल, छात्रसंघ अध्यक्ष मनोज रावत, छात्र महासंघ महासचिव आयुष नेगी और सुधीर जोशी आदि मौजूद थे।


मलबा हटाने को ढाई करोड़ की जरूरत बताई
जून 2013 में बाढ़ से आईटीआई भवन मलबे में दब गया। मलबा सफाई के लिए यूपी राजकीय निर्माण निगम ने 2.65 करोड़ और पेयजल संसाधन एवं निर्माण निगम  ने 2.30 करोड़ की जरूरत बताई थी। प्रधानाचार्य ने वर्ष 2013 में ही दोनों आगणन शासन को भेजे, लेकिन शासन से मंजूरी नहीं मिली। कहा गया कि जीआईएंडटीआई में आईटीआई बनेगी, लेकिन यहां से रेल लाइन गुजरने से मामला लटक गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed