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कर्फ्यू की सूचना पर बाजार में उमड़े खरीदार
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तीन मई तक कर्फ्यू की सूचना से लोगों में खरीदारी के लिए मची होड़ से जाम लग गया। नजीबाबाद रोड, लालबत्ती चौक, देवीरोड, झंडाचौक और स्टेशन रोड पर जाम लगने से करीब तीन घंटे तक वाहन रेंगते हुए चलते रहे। यही हाल गोखले मार्ग, पदमपुर-सिमलचौड़ मार्ग और पटेलनगर मार्ग की रही। शहर में जाम की सूचना पर हरकत में आई पुलिस ने सभी जवानों और होमगार्डों को सड़क पर उतारकर व्यवस्था बनाने का प्रयास किया।
सोमवार सुबह जैसे ही कोटद्वार बाजार में दुकानें खुली, खरीदार पहले से ही बाजार पहुंचने शुरू हो गए। कोई दो पहिया तो कोई चार पहिया वाहनों से बाजार पहुंचे। लोगों ने सड़कों के किनारे जहां तहां वाहन खड़े कर दिए। झंडाचौक और लालबत्ती चौक में पुलिस फोर्स की कमी के कारण देवीरोड पर अंग्रेजी शराब के ठेके तक वाहनों का जमघट लग गया। बाजार खरीदारी को पहुंचे लोगों में सबसे पहले खरीदारी की होड़ लगी रही।
देवीरोड निवासी आशीष कुमार, अनुपम प्रसाद, राजगौरव सिंह, लक्ष्मण सिंह, प्रवेश सिंह, शराफत हुसैन का कहना था कि पुलिस, प्रशासन और नगर निगम की उदासीनता लोगों पर भारी पड़ी। बैंक के आगे भी वाहनों का जमघट लगा रहा।
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यातायात व्यवस्था के पटरी से उतरने पर कोतवाली पुलिस को पीआरडी जवानों और महाविद्यालय कोटद्वार के एनसीसी कैडेट्स का सहारा लेना पड़ा। झंडाचौक में जब स्थिति ज्यादा ही बिगड़ गई तो एसएसआई प्रदीप नेगी ने स्वयं कमान संभाली।
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सोमवार सुबह जैसे ही कोटद्वार बाजार में दुकानें खुली, खरीदार पहले से ही बाजार पहुंचने शुरू हो गए। कोई दो पहिया तो कोई चार पहिया वाहनों से बाजार पहुंचे। लोगों ने सड़कों के किनारे जहां तहां वाहन खड़े कर दिए। झंडाचौक और लालबत्ती चौक में पुलिस फोर्स की कमी के कारण देवीरोड पर अंग्रेजी शराब के ठेके तक वाहनों का जमघट लग गया। बाजार खरीदारी को पहुंचे लोगों में सबसे पहले खरीदारी की होड़ लगी रही।
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देवीरोड निवासी आशीष कुमार, अनुपम प्रसाद, राजगौरव सिंह, लक्ष्मण सिंह, प्रवेश सिंह, शराफत हुसैन का कहना था कि पुलिस, प्रशासन और नगर निगम की उदासीनता लोगों पर भारी पड़ी। बैंक के आगे भी वाहनों का जमघट लगा रहा।
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यातायात व्यवस्था के पटरी से उतरने पर कोतवाली पुलिस को पीआरडी जवानों और महाविद्यालय कोटद्वार के एनसीसी कैडेट्स का सहारा लेना पड़ा। झंडाचौक में जब स्थिति ज्यादा ही बिगड़ गई तो एसएसआई प्रदीप नेगी ने स्वयं कमान संभाली।