सीटू से संबद्ध उत्तराखंड आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री यूनियन ने 12 सूत्री मांगों को लेकर मंगलवार को लगातार दूसरे दिन भी कार्य बहिष्कार करते हुए तहसील में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए सात अगस्त को सचिवालय घेराव कार्यक्रम सफल को बनाने की अपील की।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार को कोटद्वार तहसील में द्वारीखाल, जयहरीखाल, रिखणीखाल और दुगड्डा ब्लॉक की आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री यूनियन से जुड़ीं आशा कार्यकर्ता एकत्र र्हुइं। यहां उन्होंने कार्य बहिष्कार जारी रखते हुए प्रदर्शन किया। धरनास्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए यूनियन की दुगड्डा ब्लॉक अध्यक्ष प्रभा चौधरी ने कहा कि वर्ष 2006 से कार्यरत आशाओं का वेतन अब तक निर्धारित नहीं किया गया है। इससे उन्हें आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। सरकार की ओर से घोषणाएं तो की गईं लेकिन एक भी घोषणा पर अमल नहीं हुआ। पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपने कार्यकाल में आशाओं को दस हजार रुपये कोविड भत्ता देने की घोषणा की थी लेकिन उन्हें अब तक यह भत्ता नहीं मिला। उन्होंने मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने और सभी से एकजुट होकर 7 अगस्त को सचिवालय घेराव कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की। प्रदर्शन की अगुवाई दुगड्डा ब्लॉक अध्यक्ष प्रभा चौधरी और उपाध्यक्ष मीरा नेगी कर रही थीं। प्रदर्शन में संजू देवी, रंजना कोटनाला, नीलम कुकरेती, रीना देवी, कल्पना बिष्ट, कुसुम रावत, कांति कंडारी, प्रीति, यशोदा जखमोला, मेघा असवाल, सुनीता रावत, संजू देवी, रोशनी, रीमा देवी, कुसुम रावत, सीमा देवी, यशोदा जखमोला, मेघा असवाल, सुनीता रावत, रोशनी, विजयलक्ष्मी ध्यानी आदि शामिल थे।