12 सूत्री मांगों के समर्थन में उत्तराखंड आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ता यूनियन का कार्य बहिष्कार तहसील में 28वें दिन भी जारी रहा। रविवार को आशाओं ने स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री को आशाओं की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री से वार्ता करनी चाहिए, लेकिन वार्ता तो दूर वे उनकी समस्याओं को सुनने तक के लिए तैयार नहीं हैं, जिसके स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ आक्रोश बढ़ रहा है। इस अवसर पर दुगड्डा ब्लाक अध्यक्ष प्रभा चौधरी, सुरभि काला, बबीता ममगाईं, कांति कंडारी, धनेश्वरी देवी, सुनीता रावत, सीमा देवी, आशा ढौंडियाल, मंजू नेगी, हेमलता चौहान, ललिता चौहान, बीना बछवांण, कमला शाह, राखी रावत और रेनू देवी आदि मौजूद थे। उधर, बीरोंखाल ब्लाक की आशा कार्यकर्ताओं ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। इस अवसर पर बीरोंखाल की अध्यक्ष पुष्पा बिष्ट ने सरकार से आशा कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी घोषित करने और 21 हजार वेतन लागू करने की मांग की। इस मौके पर माया देवी, कलावती देवी, मंजू देवी, वंदना देवी और रेखा देवी आदि धरने पर मौजूद थे।