{"_id":"57d6e0434f1c1ba73dd47316","slug":"are-extinguished-by-rain-water-thirsty","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारिश के पानी से बुझा रहे प्यास ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश के पानी से बुझा रहे प्यास
ब्यूरो/अमर उजाला पौड़ी
Updated Mon, 12 Sep 2016 10:35 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पोखरी, चौंरखाल व कोला गांव के लोगों के लिए फिर से पीने के पानी का संकट पैदा हो गया है। इन गांवों में न तो नियमित पेयजल सप्लाई है और न ही प्राकृतिक स्रोत। बारिश का पानी इकट्ठा कर वे अपनी प्यास बुझा रहे हैं।
विज्ञापन
पोखरी कोला गांव के लिए 18 वर्ष पूर्व जल संस्थान की ओर से पेयजल लाइन व टैंक का निर्माण किया गया था, लेकिन यह टैंक ग्राम गोठिंडा में बनवाया गया। शरारती तत्व आए दिन टैंक के साथ छेड़खानी करते रहते हैं। इस कारण इन तीनों गांवों की पेयजल लाइन अक्सर क्षतिग्रस्त रहती है। महीने में एक आध बार ही पानी गांव पहुंच पाता है।
विज्ञापन
क्षेत्र पंचायत सदस्य राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में इन गांवों की महिलाओं ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन दिया। उन्होंने कहा कि अब विभाग नए पेयजल टैंक का निर्माण कराने जा रहा है। उनकी मांग है कि इस टैंक को गांव की सीमा के भीतर ही बनाया जाए ताकि रखरखाव का काम उनके हाथों में रहे।
विज्ञापन
इसके अलावा ग्रामीणों ने अपने गांव की विद्युत व्यवस्था भी दुरुस्त करने की मांग की है। उनके अनुसार गांव में बिजली भी हफ्तों तक गायब रहती है। जिलाधिकारी से मुलाकात करने वालों में प्रेमलाल, पूर्णचंद्र, विकास चंद, विद्यावती देवी, सुलोचना देवी, कमला देवी, कस्तूरी देवी, उत्तरा देवी, गोदांबरी देवी, सुरेशी देवी, लक्ष्मी देवी, विद्या देवी, शाकंभरी देवी, अरुणा देवी, दिक्का देवी व सविता देवी आदि मौजूद थे।