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अर्द्धकुंभ के लिए बजट नहीं मिलने पर जताया आक्रोश
श्रीनगर
Updated Fri, 15 Jan 2016 06:44 PM IST
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प्रकृति पर्यावरण संस्था ने अर्द्धकुंभ के लिए केंद्र सरकार की ओर से बजट नहीं देने पर नाराजगी जताई। कुंभ मेला क्षेत्र घोषित होने के बावजूद देवप्रयाग में काम नहीं होने और राजकीय मेडिकल कालेज में वित्तीय अनियमितताओं पर उन्हाेंने आक्रोश जताया है।
यहां संस्था के कार्यालय में हुई बैठक में महिलाओं ने अर्द्धकुंभ मेले पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार ने देवप्रयाग को कुंभ मेला क्षेत्र घोषित तो किया है, लेकिन हरिद्वार के अलावा अर्द्धकुंभ की हलचल और कहीं नहीं सुनाई दे रही है। देवप्रयाग में तो एक भी काम नहीं हुए। उन्होंने कहा कि कुंभ के मौके पर केंद्र सरकार हमेशा से राज्य को बजट देती आई है, लेकिन इस बार एक भी रुपया नहीं दिया गया।
महिलाओं ने कहा कि मेडिकल कालेज भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। यहां प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद मरीजों को रेफर किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मशीन, उपकरण, फर्नीचर और दवाई खरीद पर अधिकारियों का कंपनियों से कमीशन फिक्स है। ठीक से जांच होने पर कई घोटालों से पर्दा हट जाएगा। बैठक में संस्था की संरक्षक बीना चौधरी, अध्यक्ष अरुणा राणा, निशा तोमर, गायत्री, शकुंतला नेगी, शबाना कुरैशी, रानी मेवाड़, कामना पुरी, उषा मेहरा और रानी चौहान आदि ने विचार रखे।
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यहां संस्था के कार्यालय में हुई बैठक में महिलाओं ने अर्द्धकुंभ मेले पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार ने देवप्रयाग को कुंभ मेला क्षेत्र घोषित तो किया है, लेकिन हरिद्वार के अलावा अर्द्धकुंभ की हलचल और कहीं नहीं सुनाई दे रही है। देवप्रयाग में तो एक भी काम नहीं हुए। उन्होंने कहा कि कुंभ के मौके पर केंद्र सरकार हमेशा से राज्य को बजट देती आई है, लेकिन इस बार एक भी रुपया नहीं दिया गया।
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महिलाओं ने कहा कि मेडिकल कालेज भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। यहां प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद मरीजों को रेफर किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मशीन, उपकरण, फर्नीचर और दवाई खरीद पर अधिकारियों का कंपनियों से कमीशन फिक्स है। ठीक से जांच होने पर कई घोटालों से पर्दा हट जाएगा। बैठक में संस्था की संरक्षक बीना चौधरी, अध्यक्ष अरुणा राणा, निशा तोमर, गायत्री, शकुंतला नेगी, शबाना कुरैशी, रानी मेवाड़, कामना पुरी, उषा मेहरा और रानी चौहान आदि ने विचार रखे।
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