{"_id":"5e3458588ebc3e7d595ac9e7","slug":"angani-village-again-threatens-guldar-burst-fire-cracker-and-flee-kotdwar-news-drn3345828148","type":"story","status":"publish","title_hn":"अंगणी गांव में फिर धमका गुलदार, पटाखे फोड़कर भगाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अंगणी गांव में फिर धमका गुलदार, पटाखे फोड़कर भगाया
विज्ञापन
रिखणीखाल ब्लॉक के अंगणी गांव में शुक्रवार शाम को फिर से गुलदार धमकने से अफरातफरी मच गई। दहशत के चलते लोग घरों में दुबक गए। किसी तरह साहस जुटाकर लोगों ने पटाखे फोड़कर और शोर मचाकर उसे जंगल की ओर भगाया। इसके बाद ग्रामीणों ने एसडीएम लैंसडौन को ज्ञापन सौंपकर गुलदार को पकड़ने के लिए गांव में पिंजरा लगाने की मांग की। इस पर वन विभाग ने एक और पिंजरा क्षेत्र में लगा दिया।
गांव निवासी जितेंद्र चौहान ने बताया कि गत 25 जनवरी को गुलदार के हमले में गांव में एक व्यक्ति की मौत के बाद से दहशत बनी है। घटनास्थल और गांव के पास लगातार गुलदार दिखाई दे रहा है। शुक्रवार शाम को एक बार फिर गुलदार नुनेरा तोक में देखा गया। गुलदार को देखकर ग्रामीणों ने शोर मचाना शुरू कर दिया और पटाखे भी फोड़े, जिससे गुलदार भाग खड़ा हुआ। अंगणी गांव के अलावा घोटला, मनीगांव, खनेता, घेड़ी, मंजुली, सिनाला, उनेरी, मंज्याड़ी, अंदरसौं, पलीगांव, नयेडी गांवों में भी दहशत बनी है। ग्रामीण समूह बनाकर खेतों और जंगलों में जा रहे हैं। बच्चों को भी समूह बनाकर ही स्कूल भेजा जा रहा है।
कोट
क्षेत्र में पिंजरा लगाने के साथ ही वन कर्मियों की तैनाती कर दी गई है। गुलदार की मूवमेंट पर लगातार नजर रखी जा रही है। गत 28 जनवरी को जिस नेपाली डेरे में गुलदार ने बच्चे पर हमले का प्रयास किया था, गुलदार उस डेरे के आसपास भी देखा गया। लैंसडौन वन प्रभाग ने एक और पिंजरा क्षेत्र में लगाया है। - राखी जुयाल, रेंज अधिकारी पोखड़ा गढ़वाल वन प्रभाग।
विज्ञापन
विज्ञापन
गांव निवासी जितेंद्र चौहान ने बताया कि गत 25 जनवरी को गुलदार के हमले में गांव में एक व्यक्ति की मौत के बाद से दहशत बनी है। घटनास्थल और गांव के पास लगातार गुलदार दिखाई दे रहा है। शुक्रवार शाम को एक बार फिर गुलदार नुनेरा तोक में देखा गया। गुलदार को देखकर ग्रामीणों ने शोर मचाना शुरू कर दिया और पटाखे भी फोड़े, जिससे गुलदार भाग खड़ा हुआ। अंगणी गांव के अलावा घोटला, मनीगांव, खनेता, घेड़ी, मंजुली, सिनाला, उनेरी, मंज्याड़ी, अंदरसौं, पलीगांव, नयेडी गांवों में भी दहशत बनी है। ग्रामीण समूह बनाकर खेतों और जंगलों में जा रहे हैं। बच्चों को भी समूह बनाकर ही स्कूल भेजा जा रहा है।
विज्ञापन
कोट
क्षेत्र में पिंजरा लगाने के साथ ही वन कर्मियों की तैनाती कर दी गई है। गुलदार की मूवमेंट पर लगातार नजर रखी जा रही है। गत 28 जनवरी को जिस नेपाली डेरे में गुलदार ने बच्चे पर हमले का प्रयास किया था, गुलदार उस डेरे के आसपास भी देखा गया। लैंसडौन वन प्रभाग ने एक और पिंजरा क्षेत्र में लगाया है। - राखी जुयाल, रेंज अधिकारी पोखड़ा गढ़वाल वन प्रभाग।
विज्ञापन