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नए साल पर सीटीआर में अलर्ट
कालागढ़/कोटद्वार
Updated Fri, 01 Jan 2016 09:52 PM IST
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नए साल के जश्न के चलते कार्बेट नेशनल पार्क में वन्यजीवों की सुरक्षा को देखते हुए अलर्ट घोषित कर दिया गया है। जंगलों में गश्ती दलों की संख्या बढ़ा दी गई है। यूपी के बिजनौर जिले से सटे कालागढ़ और सोनानदी रेंज को संवेदनशील माना गया है। बिजनौर जिले की सीमा पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
नव वर्ष पर कार्बेट नेशनल पार्क प्रशासन ने शिकारियों से जंगली जानवरों की सुरक्षा के लिए अलर्ट घोषित करते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जनपद बिजनौर की उत्तरी और जनपद पौड़ी दक्षिणी सीमा पर स्थित कालागढ़ एवं सोनानदी रेंज के इलाके को संवेदनशील बताया गया है। पार्क के उपनिदेशक डा. साकेत बडोला के अनुसार सबसे संवेदनशील कालागढ़ और सोनानदी रेंज सीधे जनपद बिजनौर की सीमा से मिलती हैं, जहां से अक्सर शिकारी पार्क में आ जाते है। पार्क में वन्यजीवों और इस दौरान आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा के चलते भी कदम उठाए गए हैं। गश्त बढ़ा दी गई हैं। पार्क के कर्मचारियों के साथ ही अधिकारियों को भी खास सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इस बीच उत्तराखंड के आला वन अधिकारी भी पार्क में पहुंच गए हैं।
उपनिदेशक डा. साकेत बडोला का कहना है कि नव वर्ष पर अभी किसी वीवीआईपी का कार्यक्रम नहीं मिला है। पार्क पहले से ही फुल है। एडवांस बुकिंग कर पर्यटक पार्क में आ रहे हैं। 45 दिन की एडवांस बुकिंग पहले से ही चल रही है जिसके चलते पार्क के प्राकृतिक नजारों के लिए पर्यटकों को इंतजार करना होगा। कालागढ़ झिरना मार्ग पर और ढेला पर्यटन जोन में बाघ दिखने से पर्यटक रोमांचित हैं।
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नव वर्ष पर कार्बेट नेशनल पार्क प्रशासन ने शिकारियों से जंगली जानवरों की सुरक्षा के लिए अलर्ट घोषित करते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जनपद बिजनौर की उत्तरी और जनपद पौड़ी दक्षिणी सीमा पर स्थित कालागढ़ एवं सोनानदी रेंज के इलाके को संवेदनशील बताया गया है। पार्क के उपनिदेशक डा. साकेत बडोला के अनुसार सबसे संवेदनशील कालागढ़ और सोनानदी रेंज सीधे जनपद बिजनौर की सीमा से मिलती हैं, जहां से अक्सर शिकारी पार्क में आ जाते है। पार्क में वन्यजीवों और इस दौरान आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा के चलते भी कदम उठाए गए हैं। गश्त बढ़ा दी गई हैं। पार्क के कर्मचारियों के साथ ही अधिकारियों को भी खास सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इस बीच उत्तराखंड के आला वन अधिकारी भी पार्क में पहुंच गए हैं।
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उपनिदेशक डा. साकेत बडोला का कहना है कि नव वर्ष पर अभी किसी वीवीआईपी का कार्यक्रम नहीं मिला है। पार्क पहले से ही फुल है। एडवांस बुकिंग कर पर्यटक पार्क में आ रहे हैं। 45 दिन की एडवांस बुकिंग पहले से ही चल रही है जिसके चलते पार्क के प्राकृतिक नजारों के लिए पर्यटकों को इंतजार करना होगा। कालागढ़ झिरना मार्ग पर और ढेला पर्यटन जोन में बाघ दिखने से पर्यटक रोमांचित हैं।
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