फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Kotdwar News ›   Additional Commissioner annoyed at not having done

काम पूरा नहीं होने पर अपर आयुक्त नाराज

Mon, 27 Jun 2016 10:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला श्रीनगर
ब्यूरो/अमर उजाला श्रीनगर Updated Mon, 27 Jun 2016 10:32 PM IST
विज्ञापन

मानवाधिकार आयोग के आदेश पर अपर आयुक्त हरक सिंह रावत ने श्रीनगर जल विद्युत परियोजना प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। अपर आयुक्त ने अवशेष कार्य पूरा नहीं होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने जल भराव की समस्या झेल रहे ज्यूंदी-सेरा गांव में खेती की संभावना तलाशने के लिए सिंचाई और कृषि विभाग को रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए।

विज्ञापन


सोमवार को अपर आयुक्त रावत ने परियोजना प्रभावितों, राजस्व विभाग के अधिकारियों और परियोजना संचालन कर रही कंपनी एएचपीसीएल के अधिकारियों के साथ पावर हाउस के इर्द-गिर्द क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान गोरसाली के ग्राम प्रधान वासुदेव भट्ट ने रोष जताया कि कंपनी ने सड़क सुधार सहित कई काम अधूरे छोड़ दिए हैं।
विज्ञापन


गोरसाली-नौर पैदल मार्ग परियोजना के कारण बंद हो गया है। घाट के निर्माण को भी मानक के अनुसार नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों ने अपर आयुक्त से शिकायत की कि कंपनी के अधिकारी सुनते नहीं है। प्रभावितों को मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। पावर हाउस के बगल में रहने वाले परिवार धूल से परेशान हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


अपर आयुक्त ने कंपनी को काम अधूरा छोड़ने पर फटकार लगाई। उन्होंने कंपनी को शीघ्र मार्ग सुधार कार्य के निर्देश दिए। कहा कि कोई काम रुकवाता है,तो पुलिस की देखरेख में काम कराया जाए।

निरीक्षण के बाद वह लौट गए। इससे ज्यूंदी-सेरा में उनकी इंतजारी कर रहे लोग नाराज हो गए। नौर के ग्राम प्रधान आशीष  गैरोला ने फोन पर वार्ता की। अपर आयुक्त ने उन्हें मलेथा स्थित एक होटल में आने को कहा।

वार्ता के दौरान प्रधान और कांग्रेस के जिला महामंत्री गणेश भट्ट ने कहा कि ज्यूूदी सेरा में शक्ति नहर की लीकेज से जलभराव होने से खेती प्रभावित हो गई है। कंपनी ने कई बार सर्वेक्षण कराकर मुआवजा वितरण की बात कही, लेकिन मुआवजा दिया नहीं। अपर आयुक्त ने मुआवजा वितरण न होने पर नाराजगी जताई।

यह है मामला
श्रीनगर जल विद्युत परियोजना संचालन कर रही कंपनी ने अपने वादे पूरे नहीं किए। इससे लंबे समय से श्रीनगर जल विद्युत परियोजना संयुक्त संघर्ष समिति आंदोलन चला रही है। गत वर्ष सितंबर माह में समिति के अध्यक्ष/ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष वासुदेव भट्ट ने मानवाधिकार आयोग में गुहार लगाई।


आयोग के आदेश पर सिंचाई विभाग ने जांच रिपोर्ट दी। आयोग में सुनवाई के दौरान समिति के अध्यक्ष ने गढ़वाल आयुक्त से भी जांच कराने की मांग की। इसी आदेश के तहत अपर आयुक्त जांच के लिए पहुंचे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed