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एक दीवार ढही, दूसरी कगार पर
ब्यूरो/अमर उजाला कोटद्वार
Updated Thu, 16 Jun 2016 10:50 PM IST
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पखवाड़ेभर पहले दुगड्डा विकासखंड के राजकीय प्राथमिक विद्यालय मोहनी रावत की एक दीवार ढह गई थी। अब दूसरी भी ढहने के कगार पर है। ग्रामीणाें का आरोप है कि विभाग स्कूल की जर्जर हालत की अनदेखी कर रहा है।
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ग्राम प्रधान समेत ग्रामीणों ने कहा कि उच्च अधिकारियों की लापरवाही बच्चों की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। मोहनी रावत की ग्राम प्रधान कलावती देवी, ग्रामीण सुरेंद्र भट्ट का कहना है कि 29 मई को क्षेत्र में आंधी-तूफान और बारिश के चलते जर्जर हाल उनके गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय की एक दीवार ढह गई थी।
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इसकी सूचना अगले दिन खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय और बीआरसी को दे दी गई थी लेकिन दो सप्ताह बाद भी अधिकारियों ने स्कूल भवन की सुध नहीं ली है। जुलाई से स्कूल खुलने पर बच्चों के पठन-पाठन में दिक्कत आएगी।
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ग्रामीणों के अनुसार, दो कक्षा-कक्षों वाले प्राथमिक विद्यालय का निर्माण 1968 में हुआ था। वर्ष 1984 में एक बार भवन की मरम्मत की गई थी, इसके बाद अधिकारियों ने इस ओर झांका तक नहीं। विद्यालय में बच्चों को बैठाना खतरे से खाली नहीं है। यही हाल रहा तो जुलाई से कक्षाओं का संचालन मुश्किल हो जाएगा। प्रधानाध्यापिका उषा देवी का कहना है कि इस बारे में खंड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से अधिकारियों को लिखित में सूचना दी गई है।
विकासखंड के सभी जर्जर विद्यालयों की सूचना मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय को भेजी गई है। भवनों के निर्माण के लिए सर्व शिक्षा अभियान से बजट मिलना बंद हो गया है। जिला योजना में प्रस्ताव रखा जाएगा।
- हीरा सिंह नेगी, बीईओ दुगड्डा।