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मोहित के जज्बे ने उसे बना दिया आर्मी ऑफीसर
Updated Sun, 11 Mar 2018 10:32 PM IST
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कोटद्वार। कोटद्वार के शिब्बू नगर निवासी मोहित सेना में अधिकारी बने हैं। मोहित ने 10 मार्च को ऑफिसर ट्रेनिंग एकेडमी चेन्नई से पासिंग आउट परेड के बाद अपना सपना पूरा कर दिया। माता-पिता ने मोहित की वर्दी पर स्टार लगाकर उसे लेफ्टिनेंट बनाया।
मूल रूप से दुगड्डा ब्लाक के जवाड़ गांव निवासी सेवानिवृत्त सूबेदार राकेश कुमार गुलेरिया और माता शिक्षिका रंजना गुलेरिया का होनहार बेटा मोहित का अपने पिता के साथ आर्मी की गतिविधियों को देखकर बचपन से ही आर्मी अधिकारी बनने का सपना था। उनके पिता सूबेदार पद से रिटायर हैं। उसने प्राथमिक विद्यालय जवाड़ से शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद उसने माध्यमिक शिक्षा राष्ट्रीय मिल्ट्री स्कूल शिमला से प्राप्त की। इसके बाद मोहित ने गढ़वाल विश्वविद्यालय से कंप्यूटर साइंस से स्नातक किया और छह महीने तक किसी प्राइवेट कंपनी में नौकरी की।
इस बीच उसके छोटे भाई सौरभ का चयन नौसेना के अधिकारी के लिए हो गया। वह अपने माता पिता के साथ छोटे भाई की पासिंग आउट परेड में पहुंचा। छोटे भाई को नौ सेना की वर्दी में देखते ही मोहित ने आर्मी ऑफिसर बनने की ठानी और इसमें जुट गया। उसके कड़ी मेहनत करने के बाद एसएससी के माध्यम से सेना में अधिकारी के लिए चयन हो गया।
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मूल रूप से दुगड्डा ब्लाक के जवाड़ गांव निवासी सेवानिवृत्त सूबेदार राकेश कुमार गुलेरिया और माता शिक्षिका रंजना गुलेरिया का होनहार बेटा मोहित का अपने पिता के साथ आर्मी की गतिविधियों को देखकर बचपन से ही आर्मी अधिकारी बनने का सपना था। उनके पिता सूबेदार पद से रिटायर हैं। उसने प्राथमिक विद्यालय जवाड़ से शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद उसने माध्यमिक शिक्षा राष्ट्रीय मिल्ट्री स्कूल शिमला से प्राप्त की। इसके बाद मोहित ने गढ़वाल विश्वविद्यालय से कंप्यूटर साइंस से स्नातक किया और छह महीने तक किसी प्राइवेट कंपनी में नौकरी की।
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इस बीच उसके छोटे भाई सौरभ का चयन नौसेना के अधिकारी के लिए हो गया। वह अपने माता पिता के साथ छोटे भाई की पासिंग आउट परेड में पहुंचा। छोटे भाई को नौ सेना की वर्दी में देखते ही मोहित ने आर्मी ऑफिसर बनने की ठानी और इसमें जुट गया। उसके कड़ी मेहनत करने के बाद एसएससी के माध्यम से सेना में अधिकारी के लिए चयन हो गया।
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