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पूर्वी और पश्चिमी एवं मधुगंगा नदी उफान पर, बढ़ा खतरा
Updated Sat, 05 Aug 2017 10:28 PM IST
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सतपुली। नयारघाटी क्षेत्र में बृहस्पतिवार रात हुई मूसलाधार बारिश के चलते पूर्वी, पश्चिमी एवं मधुगंगा नदी उफान पर हैं। इसके कारण तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
पूर्वी पश्चिमी एवं मधुगंगा नदी के उफान से सतपुली कस्बे के तटवर्ती इलाके के दर्जनों रिहायशी एवं व्यावसायिक भवन पूर्वी नयार में पानी बढ़ने से खतरे की जद में आ गए हैं। खतरे को देखते हुए पुलिस और आपदा प्रबंधन टीम भी हरकत में आ गई है। उन्होंने नदी के खतरे वाले स्थानों से ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी। सतपुली कस्बे में पूर्वी नयार पर निर्माणाधीन पुल की कार्यदायी संस्था के जेसीबी और अन्य सामान आधे से अधिक पानी में डूब गए हैं। उनके बहने का खतरा बना हुआ है।
वहीं देवप्रयाग रोड पर डिग्री कालेज गदेरे और बाघाट के पास भारी मात्रा में मलबा आने से यातायात घंटों अवरुद्ध रहा। पीडब्लूडी ने जेसीबी से मलबा हटाकर मार्ग सुचारु किया।
पूर्वी पश्चिमी एवं मधुगंगा नदी के उफान से सतपुली कस्बे के तटवर्ती इलाके के दर्जनों रिहायशी एवं व्यावसायिक भवन पूर्वी नयार में पानी बढ़ने से खतरे की जद में आ गए हैं। खतरे को देखते हुए पुलिस और आपदा प्रबंधन टीम भी हरकत में आ गई है। उन्होंने नदी के खतरे वाले स्थानों से ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी। सतपुली कस्बे में पूर्वी नयार पर निर्माणाधीन पुल की कार्यदायी संस्था के जेसीबी और अन्य सामान आधे से अधिक पानी में डूब गए हैं। उनके बहने का खतरा बना हुआ है।
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वहीं देवप्रयाग रोड पर डिग्री कालेज गदेरे और बाघाट के पास भारी मात्रा में मलबा आने से यातायात घंटों अवरुद्ध रहा। पीडब्लूडी ने जेसीबी से मलबा हटाकर मार्ग सुचारु किया।
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