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गांधी चौक में यात्री शेड के पास बने बायोटॉयलेट हटाएं
Updated Tue, 28 Nov 2017 10:42 PM IST
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लैंसडौन। गांधी चौक में यात्री शेड के पास बने बायोटॉयलेट को हटाने की मांग को लेकर यात्रियों ने कैंट की मुख्य अधिशासी अधिकारी से की है। कहा कि बायोटॉयलेट के कारण गांधी चौक में फैल रही दुर्गंध से राहगीरों, यात्रियों और पर्यटकों को नाक और मुंह पर कपड़ा रखकर गुजरना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों ने जन सुविधा के लिए गांधी चौक कोतवाली रोड के प्रवेशद्वार में निर्माणाधीन यूरिनल का कार्य जल्द पूरा कर इसे खुलवाने की मांग की है।
यात्री नरेश कुमार, महिमा देवी, मंगतू, राजेंद्र सिंह रावत, महिमानंद, पार्वती देवी सहित जीप चालक संजय ने कहा कि यात्री शेड के नकिट ल्लोगों की सुविधा के लिए कैंट विभाग ने वर्ष 2016 में पांच बायोटॉयलेटों का निर्माण कराया था। जिनसे उठती दुर्गंध के चलते पांचों बायोटॉयलेटों को कैंट ने बंद करवाने का निर्णय लिया था। कैंट ने इन्हें बैरीकेडिंग कर बंद तो कर दिया, लेकिन हटाया नहीं। इसी स्थान पर यात्री शेड होने से यहां से जयहरीखाल, गुमखाल, सतपुली के लिए छोटे वाहनों का संचालन होता है। बायोटॉयलेट के पास आवारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। दिल्ली से आए पर्यटक सरिता सिंह, राजीव सिंह, हिमाद्री सिंह, लोकेश कुमार का कहना है कि उन्होंने थोड़ी देर के लिए अपनी कार यहां पार्क की थी, लेकिन यहां से उठती दुर्गंध के कारण उनका थोड़ी देर खड़ा होना मुश्किल हो गया। कैंट के एई एसवीएस राना ने बताया कि निर्माणाधीन यूरिनल का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। इसे जल्द ही जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
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यात्री नरेश कुमार, महिमा देवी, मंगतू, राजेंद्र सिंह रावत, महिमानंद, पार्वती देवी सहित जीप चालक संजय ने कहा कि यात्री शेड के नकिट ल्लोगों की सुविधा के लिए कैंट विभाग ने वर्ष 2016 में पांच बायोटॉयलेटों का निर्माण कराया था। जिनसे उठती दुर्गंध के चलते पांचों बायोटॉयलेटों को कैंट ने बंद करवाने का निर्णय लिया था। कैंट ने इन्हें बैरीकेडिंग कर बंद तो कर दिया, लेकिन हटाया नहीं। इसी स्थान पर यात्री शेड होने से यहां से जयहरीखाल, गुमखाल, सतपुली के लिए छोटे वाहनों का संचालन होता है। बायोटॉयलेट के पास आवारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। दिल्ली से आए पर्यटक सरिता सिंह, राजीव सिंह, हिमाद्री सिंह, लोकेश कुमार का कहना है कि उन्होंने थोड़ी देर के लिए अपनी कार यहां पार्क की थी, लेकिन यहां से उठती दुर्गंध के कारण उनका थोड़ी देर खड़ा होना मुश्किल हो गया। कैंट के एई एसवीएस राना ने बताया कि निर्माणाधीन यूरिनल का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। इसे जल्द ही जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
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