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सनेह पट्टी की समस्याओं का निराकरण न होने पर भड़की महिलाएं
Updated Tue, 04 Dec 2018 11:29 PM IST
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कोटद्वार। सनेह पट्टी के अंतर्गत नगर निगम के तीन वार्डों में सड़कों की हालत खस्ताहाल होने के कारण लोगों को आवागमन में भारी परेशानियां हो रही हैं। इस पर ग्रामीण एकता मंच की महिलाएं भड़क उठीं। उनका आरोप है कि लोनिवि दुगड्डा ने गत जुलाई में डामरीकरण का कार्य करवाया था, लेकिन गुणवत्ता के अभाव में चार माह में ही मुख्य सड़क की डामर उखड़ने लगी है। ग्रामीण एकता संगठन ने क्षेत्र में व्याप्त समस्याओं के निराकरण की मांग उठाई है।
ग्रामीण एकता संगठन से जुड़ी सनेह पट्टी की महिलाएं मंगलवार को तहसील पहुंचीं। यहां उन्होंने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा कि सनेह पट्टी के अंतर्गत वार्ड नंबर-1 में ग्रास्टनगंज और रतनपुर, वार्ड नंबर-2 में नाथूपुर, रामपुर, कुंभीचौड़, विशनपुर और जीतपुर, वार्ड नंबर-3 सनेह में सनेह तल्ली, सनेह मल्ली, कोटड़ीढांग व लालपानी शामिल हैं। तीनों वार्डों में सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। उन्होंने कहा कि लोनिवि दुगड्डा ने गत जुलाई में मुख्य सड़क ग्रास्टनगंज, सनेह मार्ग के डामरीकरण का कार्य किया, लेकिन गुणवत्ता विहीन कार्य होने के कारण चार माह में ही सड़क की डामर उखड़ने लगी है। स्थिति यह है कि मार्ग पर जगह-जगह गड्ढ़े पड़ गए हैं। पेयजल लाइनों की मरम्मत न होने से लाइनें लीकेज हो रही हैं। तीनों वार्डों में सड़कें तालाबों में तब्दील हो चुकी हैं, जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं लोगों को पीने के लिए पानी नहीं मिल रहा है। कहा कि 25 अगस्त को आई आपदा के दौरान नदी नालों में क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवारों का निर्माण कार्य भी अभी तक नहीं हो पाया है। जगह-जगह कूड़े के ढ़ेर लगे हैं। इस अवसर पर ग्रामीण एकता संगठन की अध्यक्ष अंजू पुंडीर, कुसुम नेगी, शोभा देवी व विनीता देवी आदि मौजूद थे।
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ग्रामीण एकता संगठन से जुड़ी सनेह पट्टी की महिलाएं मंगलवार को तहसील पहुंचीं। यहां उन्होंने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा कि सनेह पट्टी के अंतर्गत वार्ड नंबर-1 में ग्रास्टनगंज और रतनपुर, वार्ड नंबर-2 में नाथूपुर, रामपुर, कुंभीचौड़, विशनपुर और जीतपुर, वार्ड नंबर-3 सनेह में सनेह तल्ली, सनेह मल्ली, कोटड़ीढांग व लालपानी शामिल हैं। तीनों वार्डों में सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। उन्होंने कहा कि लोनिवि दुगड्डा ने गत जुलाई में मुख्य सड़क ग्रास्टनगंज, सनेह मार्ग के डामरीकरण का कार्य किया, लेकिन गुणवत्ता विहीन कार्य होने के कारण चार माह में ही सड़क की डामर उखड़ने लगी है। स्थिति यह है कि मार्ग पर जगह-जगह गड्ढ़े पड़ गए हैं। पेयजल लाइनों की मरम्मत न होने से लाइनें लीकेज हो रही हैं। तीनों वार्डों में सड़कें तालाबों में तब्दील हो चुकी हैं, जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं लोगों को पीने के लिए पानी नहीं मिल रहा है। कहा कि 25 अगस्त को आई आपदा के दौरान नदी नालों में क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवारों का निर्माण कार्य भी अभी तक नहीं हो पाया है। जगह-जगह कूड़े के ढ़ेर लगे हैं। इस अवसर पर ग्रामीण एकता संगठन की अध्यक्ष अंजू पुंडीर, कुसुम नेगी, शोभा देवी व विनीता देवी आदि मौजूद थे।
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