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सनेह क्षेत्र के रामपुर और कोटड़ीढांग में हाथी ने मचाया जमकर उत्पात
Updated Wed, 14 Feb 2018 10:48 PM IST
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कोटद्वार। सनेह क्षेत्र के रामपुर और कोटड़ीढांग में हाथी ने मंगलवार रात भर जमकर उत्पात मचाया। हाथी ने रामपुर में एक घर का गेट तोड़ दिया तो चार लोगों के खेत चट करते हुए एक बगीचे के पेड़ तोड़ डाले। शाम ढलते ही हाथी के गांव के बीच धमकने से ग्रामीणों में भय है। उन्होंने वन विभाग से सुरक्षा की गुहार लगाते हुए उनके नुकसान का उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की।
मंगलवार रात को सनेह क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब करीब रात के ग्यारह बजे विक्रम सिंह चौधरी के मकान के गेट के टूटने की आवाज सुनाई दी। उन्होंने लाइट खोलकर बाहर झांका तो घर के बाहर विशालकाय हाथी को टहलता देेखकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने घर के अंदर रहने में ही भलाई समझी। कुछ देर घर के बाहर टहलने के बाद हाथी गांव के सतीश चंद्र नेगी के घर की ओर चल दिया। उसने सतीश के खेत में बोई गेहूं की फसल रौंद कर चट कर दी। सतीश नेगी ने टार्च लेकर हाथी को भगाने का प्रयास किया, लेकिन हाथी ने उसके पीछे दौड़ लगा दी। उसने घर के अंदर भागकर किसी प्रकार जान बचाई। उसके बाद करीब ढाई बजे रात को हाथी प्रदीप उनियाल के घर के रास्ते उसके गेहूं के खेत में चला गया और पूरा खेत चट कर दिया। कोटड़ीढांग में टस्कर हाथी पिछले पांच दिन से गांव में धमक कर दहशत फैला रहा है। उसने मंगलवार रात को पूर्व ग्राम प्रधान गणेश सिंह अधिकारी और भागीरथी देेवी का खेत चट कर रौंद डाला। साथ ही बगीचे में कई आंवला और आम के पेड़ तोड़ डाले।
समाजसेवी मोहन सिंह रावत ने वन विभाग पर लोगों के जानमाल की सुरक्षा में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। कहा कि हाथी सुरक्षा दीवार पूरी नहीं बनाए जाने के कारण शाम ढलते ही हाथी गांव में धमक रहे हैं। वे लगातार जान माल का नुकसान कर रहे हैं, लेकिन वन विभाग की ओर से हाथी के रोकथाम के लिए उपाय नहीं किए जा रहे हैं। हाथी लोगों की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। वे लोगों पर हमला कर रहे हैं, लेकिन वन विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा है।
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उधर, लैंसडौन वन प्रभाग के रेंज अधिकारी एसपी कंडवाल ने बताया कि हाथी को रोकने के लिए हाथी सुरक्षा दीवार के पास से मिट्टी हटाई जा रही है। जहां सुरक्षा दीवार नहीं है, वहां खाई खोदी जा रही है। साथ ही हाथी से लोगों की सुरक्षा के लिए क्षेत्र में गश्त तेज कर दी गई है।
-फोटो
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मंगलवार रात को सनेह क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब करीब रात के ग्यारह बजे विक्रम सिंह चौधरी के मकान के गेट के टूटने की आवाज सुनाई दी। उन्होंने लाइट खोलकर बाहर झांका तो घर के बाहर विशालकाय हाथी को टहलता देेखकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने घर के अंदर रहने में ही भलाई समझी। कुछ देर घर के बाहर टहलने के बाद हाथी गांव के सतीश चंद्र नेगी के घर की ओर चल दिया। उसने सतीश के खेत में बोई गेहूं की फसल रौंद कर चट कर दी। सतीश नेगी ने टार्च लेकर हाथी को भगाने का प्रयास किया, लेकिन हाथी ने उसके पीछे दौड़ लगा दी। उसने घर के अंदर भागकर किसी प्रकार जान बचाई। उसके बाद करीब ढाई बजे रात को हाथी प्रदीप उनियाल के घर के रास्ते उसके गेहूं के खेत में चला गया और पूरा खेत चट कर दिया। कोटड़ीढांग में टस्कर हाथी पिछले पांच दिन से गांव में धमक कर दहशत फैला रहा है। उसने मंगलवार रात को पूर्व ग्राम प्रधान गणेश सिंह अधिकारी और भागीरथी देेवी का खेत चट कर रौंद डाला। साथ ही बगीचे में कई आंवला और आम के पेड़ तोड़ डाले।
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समाजसेवी मोहन सिंह रावत ने वन विभाग पर लोगों के जानमाल की सुरक्षा में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। कहा कि हाथी सुरक्षा दीवार पूरी नहीं बनाए जाने के कारण शाम ढलते ही हाथी गांव में धमक रहे हैं। वे लगातार जान माल का नुकसान कर रहे हैं, लेकिन वन विभाग की ओर से हाथी के रोकथाम के लिए उपाय नहीं किए जा रहे हैं। हाथी लोगों की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। वे लोगों पर हमला कर रहे हैं, लेकिन वन विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा है।
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उधर, लैंसडौन वन प्रभाग के रेंज अधिकारी एसपी कंडवाल ने बताया कि हाथी को रोकने के लिए हाथी सुरक्षा दीवार के पास से मिट्टी हटाई जा रही है। जहां सुरक्षा दीवार नहीं है, वहां खाई खोदी जा रही है। साथ ही हाथी से लोगों की सुरक्षा के लिए क्षेत्र में गश्त तेज कर दी गई है।
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