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रामपुर और कोटड़ीढांग में घूम रहा कातिल हाथी, दहशत
Updated Mon, 22 Jan 2018 10:53 PM IST
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कोटद्वार। सनेह क्षेत्र के रामपुर और कोटड़ीढांग में रविवार रात को महिला का कातिल हाथी देखे जाने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है, लोग घरों से बाहर निकलने में डर रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से सुरक्षा की गुहार लगाई है।
सनेह क्षेत्र के कोटड़ीढांग में रविवार दोपहर को टस्कर हाथी ने एक महिला को बीच सड़क पर कुचल डाला था। तब से क्षेत्र में हाथी की दहशत व्याप्त है। रविवार रात को कोटड़ीढांग और रामपुर गांव के पास बड़े दांत वाले उसी टस्कर हाथी के देखे जाने से ग्रामीण भयभीत हैं। हाथी के डर से ग्रामीण अपने बच्चों को घर से बाहर नहीं निकाल रहे हैं, खुद भी जंगल के पास जाने से कतरा रहे हैं, हाथी की दहशत लोगों में इस कदर हो चुकी है कि सोमवार को एक भी महिला जंगल में चारा पत्ती लेने के लिए नहीं गई। स्थानीय समाजसेवी महानंद ध्यानी, मोहन सिंह रावत, कमल सिंह, आरसी केष्टवाल ने वन विभाग पर हाथी से ग्रामीणों की सुरक्षा नहीं करने का आरोप लगाया। कहा कि वन विभाग की कम ऊंचाई और अधूरी बनी हाथी सुरक्षा दीवार किसी काम नहीं आ रही है। हाथी आसानी से जंगल से निकलकर आबादी में धमक रहा है। अब तो सड़क पर चलने वाले लोगों पर भी हमला करने लग गया है। लोग अब अपने घरों में भी सुरक्षित नहीं है, शाम ढलते ही डर के मारे लोग घरों में दुबक जा रहे हैं। कई वर्षों से वन विभाग से हाथी की रोकथाम के लिए स्थायी इंतजाम करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन विभाग को ग्रामीणों की सुरक्षा की चिंता नहीं है। ऐसा ही हाल रहा तो ग्रामीण वन विभाग के खिलाफ आरपार की लड़ाई के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
उधर, डीएफओ संतराम ने बताया कि हाथी से ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए क्षेत्र में गश्त तेज करने के लिए संबंधित रेंज अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। रविवार को हाथी के हमले में मृत महिला के मुआवजे की कार्रवाई की जा रही है।
सनेह क्षेत्र के कोटड़ीढांग में रविवार दोपहर को टस्कर हाथी ने एक महिला को बीच सड़क पर कुचल डाला था। तब से क्षेत्र में हाथी की दहशत व्याप्त है। रविवार रात को कोटड़ीढांग और रामपुर गांव के पास बड़े दांत वाले उसी टस्कर हाथी के देखे जाने से ग्रामीण भयभीत हैं। हाथी के डर से ग्रामीण अपने बच्चों को घर से बाहर नहीं निकाल रहे हैं, खुद भी जंगल के पास जाने से कतरा रहे हैं, हाथी की दहशत लोगों में इस कदर हो चुकी है कि सोमवार को एक भी महिला जंगल में चारा पत्ती लेने के लिए नहीं गई। स्थानीय समाजसेवी महानंद ध्यानी, मोहन सिंह रावत, कमल सिंह, आरसी केष्टवाल ने वन विभाग पर हाथी से ग्रामीणों की सुरक्षा नहीं करने का आरोप लगाया। कहा कि वन विभाग की कम ऊंचाई और अधूरी बनी हाथी सुरक्षा दीवार किसी काम नहीं आ रही है। हाथी आसानी से जंगल से निकलकर आबादी में धमक रहा है। अब तो सड़क पर चलने वाले लोगों पर भी हमला करने लग गया है। लोग अब अपने घरों में भी सुरक्षित नहीं है, शाम ढलते ही डर के मारे लोग घरों में दुबक जा रहे हैं। कई वर्षों से वन विभाग से हाथी की रोकथाम के लिए स्थायी इंतजाम करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन विभाग को ग्रामीणों की सुरक्षा की चिंता नहीं है। ऐसा ही हाल रहा तो ग्रामीण वन विभाग के खिलाफ आरपार की लड़ाई के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
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उधर, डीएफओ संतराम ने बताया कि हाथी से ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए क्षेत्र में गश्त तेज करने के लिए संबंधित रेंज अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। रविवार को हाथी के हमले में मृत महिला के मुआवजे की कार्रवाई की जा रही है।
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