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गंगा स्वच्छता दूत बनकर नमामि गंगे कार्यक्रम को आगे बढ़ाएंगे स्वयंसेवी
Updated Wed, 20 Sep 2017 10:40 PM IST
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कोटद्वार। गंगा को स्वच्छ, निर्मल और अविरल बनाने के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तहत चलाए जा रहे नमामि गंगे कार्यक्रम को उत्तराखंड राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवी गंगा स्वच्छता दूत बनकर स्वच्छता अभियान चलाकर आगे बढ़ाएंगे।
एनएसएस के गढ़वाल मंडल कार्यक्रम समन्वयक पुष्कर सिंह नेगी ने बताया कि गढ़वाल मंडल के सातों जनपदों में गंगा और उसकी प्रमुख सहायक नद ियों के किनारे स्थित 132 ग्राम पंचायतों को खुले में शौच से मुक्त करने के लिए विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए नमामि गंगे उत्तराखंड के कार्यक्रम निदेशक डा. राघव लंगर और प्रदेश के उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डा. धन सिंह रावत द्वारा उत्तरकाशी, पौड़ी, श्रीनगर में गंगा स्वच्छता, जनजागरूकता कार्यशाला और जनसंवाद गोष्ठी करके शुरूआत की जा चुकी है। बताया कि परियोजना प्रबंधन ग्रुप नमामि गंगे और उत्तराखंड राष्ट्रीय सेवा योजना के बीच हुए करार के अनुसार प्रथम चरण में उत्तरकाशी, देहरादून, पौड़ी और हरिद्वार में गंगा के किनारे स्थित 66 ग्राम पंचायतों की निकटवर्ती एनएसएस इकाईयां गांव को गोद लेकर वहां रैली, नुक्कड़ नाटक, ग्रामीणों की चौपाल लगाकर लोगों को गंगा के बारें में जागरूक करेंगे। साथ ही ग्रामीणों के सहयोग से स्वच्छता कार्यक्रम चलाएंगे। 24 सितंबर को रासेयो के स्थापना दिवस पर नमामि गंगे अभियान और स्वच्छता ही सेवा अभियान प्रत्येक शिक्षण संस्था में शुरू किया जाएगा। जिसमें प्रदेश के 60 हजार स्वयंसेवी और कार्यक्रम अधिकारी भाग लेंगे।
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एनएसएस के गढ़वाल मंडल कार्यक्रम समन्वयक पुष्कर सिंह नेगी ने बताया कि गढ़वाल मंडल के सातों जनपदों में गंगा और उसकी प्रमुख सहायक नद ियों के किनारे स्थित 132 ग्राम पंचायतों को खुले में शौच से मुक्त करने के लिए विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए नमामि गंगे उत्तराखंड के कार्यक्रम निदेशक डा. राघव लंगर और प्रदेश के उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डा. धन सिंह रावत द्वारा उत्तरकाशी, पौड़ी, श्रीनगर में गंगा स्वच्छता, जनजागरूकता कार्यशाला और जनसंवाद गोष्ठी करके शुरूआत की जा चुकी है। बताया कि परियोजना प्रबंधन ग्रुप नमामि गंगे और उत्तराखंड राष्ट्रीय सेवा योजना के बीच हुए करार के अनुसार प्रथम चरण में उत्तरकाशी, देहरादून, पौड़ी और हरिद्वार में गंगा के किनारे स्थित 66 ग्राम पंचायतों की निकटवर्ती एनएसएस इकाईयां गांव को गोद लेकर वहां रैली, नुक्कड़ नाटक, ग्रामीणों की चौपाल लगाकर लोगों को गंगा के बारें में जागरूक करेंगे। साथ ही ग्रामीणों के सहयोग से स्वच्छता कार्यक्रम चलाएंगे। 24 सितंबर को रासेयो के स्थापना दिवस पर नमामि गंगे अभियान और स्वच्छता ही सेवा अभियान प्रत्येक शिक्षण संस्था में शुरू किया जाएगा। जिसमें प्रदेश के 60 हजार स्वयंसेवी और कार्यक्रम अधिकारी भाग लेंगे।
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