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प्रमुख अभियंता सिंचाई ने लिया बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा
Updated Mon, 10 Sep 2018 10:25 PM IST
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कोटद्वार। सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता एवं और विभागाध्यक्ष ने टीम के साथ आपदा प्रभावित क्षेत्र भाबर में हुए नुकसान का जायजा लिया। टीम ने 25 अगस्त की आपदा से प्रभावित क्षेत्रों का दौराकर वहां पर बाढ़ नियंत्रण के लिए स्थायी समाधान पर जोर दिया। टीम ने माना कि पनियाली समेत सभी बरसाती नदियों के तटों पर बाढ़ नियंत्रण के लिए पुख्ता इंतजाम की जरूरत है। वह अपनी रिपोर्ट जल्द ही शासन को सौंपेंगे।
सोमवार को सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता एवं विभागाध्यक्ष एके दिनकर की अगुवाई में मुख्य अभियंता श्रीनगर जयपाल सिंह, मुख्य अभियंता एनके यादव, एसई चंद्रशेखर सिंह, ईई श्रीनगर आरएस शर्मा और दुगड्डा खंड के ईई सुधीर मोहन ने भाबर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया। अधिकारियों ने कण्वाश्रम में क्षतिग्रस्त नहर, मालन, सुखरो, खोह, पनियाली से हुए भूमि कटाव और नुकसान का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने माना कि गत वर्ष और इस वर्ष की आपदा से कोटद्वार में काफी नुकसान हुआ है। प्रमुख अभियंता ने अधीनस्थ अधिकारियों को बाढ़ सुरक्षा के कार्यों की प्राथमिकता तय करने के बाद आगणन रिपोर्ट भेजने को कहा। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से भूकटाव को रोकने के लिए योजना बनाकर शासन को भेजी जाएगी। बजट जारी होते ही कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
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सोमवार को सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता एवं विभागाध्यक्ष एके दिनकर की अगुवाई में मुख्य अभियंता श्रीनगर जयपाल सिंह, मुख्य अभियंता एनके यादव, एसई चंद्रशेखर सिंह, ईई श्रीनगर आरएस शर्मा और दुगड्डा खंड के ईई सुधीर मोहन ने भाबर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया। अधिकारियों ने कण्वाश्रम में क्षतिग्रस्त नहर, मालन, सुखरो, खोह, पनियाली से हुए भूमि कटाव और नुकसान का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने माना कि गत वर्ष और इस वर्ष की आपदा से कोटद्वार में काफी नुकसान हुआ है। प्रमुख अभियंता ने अधीनस्थ अधिकारियों को बाढ़ सुरक्षा के कार्यों की प्राथमिकता तय करने के बाद आगणन रिपोर्ट भेजने को कहा। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से भूकटाव को रोकने के लिए योजना बनाकर शासन को भेजी जाएगी। बजट जारी होते ही कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
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