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31 वार्डों में चरमराई सफाई व्यवस्था के खिलाफ भड़के पार्षद
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कोटद्वार। नगर निगम में शामिल किए गए 31 वार्डों में चरमराई सफाई व्यवस्था से आक्रोशित क्षेत्र के पार्षदों और लोगों ने मेयर और सहायक नगर आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने नगर निगम कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यालय से बाहर निकाल कर तालाबंदी की। इसके बाद उन्होंने कोटद्वार विधायक डा. हरक सिंह रावत के समक्ष अपनी शिकायत रखी।
शुक्रवार को दुर्गापुरी के पार्षद सौरभ नौडियाल के नेतृत्व में क्षेत्र के पार्षद और लोग तहसील में एकत्र हुए। उन्होंने बदहाल सफाई व्यवस्था के विरोध में तहसील से नगर निगम तक जुलूस निकाला और नगर निगम कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। नगर निगम कार्यालय में मेयर और सहायक नगर आयुक्त के मौजूद नहीं होने पर लोग भड़क गए। उन्होंने नारेबाजी के साथ प्रदर्शन करते हुए निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यालय से बाहर निकाल दिया और दरवाजे बंद कर दिए। अंत में उन्होंने नगर निगम के मुख्य चैनल पर ताला जड़ कर चाभी नायब तहसीलदार को सौंप दी। इसके बाद सभी पार्षद क्षेत्रीय विधायक एवं वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत के पास पहुंचे। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों की शिकायत करते हुए अधिकारियों को सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश देने का आग्रह किया।
इस अवसर पर पार्षदों ने नगर निगम की मेयर पर उनके साथ भेदभाव बरतने का आरोप लगाया। कहा कि पिछले डेढ़ माह से सफाई नहीं होने के कारण सभी 31 वार्ड कूड़े के ढेर में तब्दील हो चुके हैं। शहर के प्रत्येक वार्ड में 10-15 सफाई कर्मियों और सफाई वाहनों को लगाया गया है, लेकिन उनके वार्ड में मात्र दो सफाई कर्मचारी तैनात किए गए हैं, यही नहीं, उनके 31 वार्डों से कूड़ा उठाने के ट्रैक्टर भी हटा लिए गए हैं। इसके कारण पूरे क्षेत्र में कूूड़े के ढेर लगे हुए हैं। इससे बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। उनके वार्ड के लिए स्ट्रीट लाइटें भी उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। वार्ड के लोग पार्षदों से सफाई व्यवस्था और विकास कार्यों के लिए सवाल पूछ रहे हैं, लेकिन नगर निगम में सभी कार्य ठप पड़े हुए हैं, जिसके कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस अवसर पर पार्षद गायत्री भट्ट, नीरूबाला खंतवाल, रितु चमोली, लीला कर्णवाल, कुलदीप रावत, सुभाष पांडे, मनीष पांथरी, कमल नेेगी व जयदीप नौटियाल आदि मौजूद थे।
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शुक्रवार को दुर्गापुरी के पार्षद सौरभ नौडियाल के नेतृत्व में क्षेत्र के पार्षद और लोग तहसील में एकत्र हुए। उन्होंने बदहाल सफाई व्यवस्था के विरोध में तहसील से नगर निगम तक जुलूस निकाला और नगर निगम कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। नगर निगम कार्यालय में मेयर और सहायक नगर आयुक्त के मौजूद नहीं होने पर लोग भड़क गए। उन्होंने नारेबाजी के साथ प्रदर्शन करते हुए निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यालय से बाहर निकाल दिया और दरवाजे बंद कर दिए। अंत में उन्होंने नगर निगम के मुख्य चैनल पर ताला जड़ कर चाभी नायब तहसीलदार को सौंप दी। इसके बाद सभी पार्षद क्षेत्रीय विधायक एवं वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत के पास पहुंचे। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों की शिकायत करते हुए अधिकारियों को सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश देने का आग्रह किया।
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इस अवसर पर पार्षदों ने नगर निगम की मेयर पर उनके साथ भेदभाव बरतने का आरोप लगाया। कहा कि पिछले डेढ़ माह से सफाई नहीं होने के कारण सभी 31 वार्ड कूड़े के ढेर में तब्दील हो चुके हैं। शहर के प्रत्येक वार्ड में 10-15 सफाई कर्मियों और सफाई वाहनों को लगाया गया है, लेकिन उनके वार्ड में मात्र दो सफाई कर्मचारी तैनात किए गए हैं, यही नहीं, उनके 31 वार्डों से कूड़ा उठाने के ट्रैक्टर भी हटा लिए गए हैं। इसके कारण पूरे क्षेत्र में कूूड़े के ढेर लगे हुए हैं। इससे बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। उनके वार्ड के लिए स्ट्रीट लाइटें भी उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। वार्ड के लोग पार्षदों से सफाई व्यवस्था और विकास कार्यों के लिए सवाल पूछ रहे हैं, लेकिन नगर निगम में सभी कार्य ठप पड़े हुए हैं, जिसके कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस अवसर पर पार्षद गायत्री भट्ट, नीरूबाला खंतवाल, रितु चमोली, लीला कर्णवाल, कुलदीप रावत, सुभाष पांडे, मनीष पांथरी, कमल नेेगी व जयदीप नौटियाल आदि मौजूद थे।
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