{"_id":"59d669284f1c1bdb538b5e2e","slug":"41507223848-kotdwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तहसीलदार की गाड़ी के ब्रेक पाइप तोड़े, हादसा टला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तहसीलदार की गाड़ी के ब्रेक पाइप तोड़े, हादसा टला
Updated Thu, 05 Oct 2017 10:55 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
सतपुली। शरारती तत्वों ने बुधवार देर रात तहसीलदार सतपुली के सरकारी वाहन के ब्रेक पाइप तोड़ डाले। बृहस्पतिवार सुबह वाहन को स्टार्ट करने पर ब्रेक न लगने से वाहन पुलिया के पिलर से टकराकर रुक गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। मामले की तहरीर वाहन चालक ने थाना सतपुली में दी है। ब्रेक तोड़ने के मामले में प्रशासन की शक की सुई खननकारियों की ओर जा रही है। अलबत्ता, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
तहसीलदार के वाहन चालक संजीव बिष्ट ने बताया कि वह बुधवार को तहसीलदार सतपुली/लैंसडौन सुभाष चंद्र ध्यानी को लैंसडौन छोड़कर रात्रि 11 बजे सतपुली लौटे। सतपुली डिग्री कॉलेज के समीप वाहन को खड़ाकर वह निकट ही अपने कमरे में सोने चले गए। बृहस्पतिवार सुबह जब वह राजस्व कर्मियों के साथ वाहन को स्टार्ट कर तहसील की ओर जा रहे थे, करीब बीस मीटर आगे जाने पर ब्रेक लगाने की आवश्यकता पड़ी तो ब्रेक नहीं लगे। तब एक पुलिया के पिलर पर टकराकर वाहन को रोका गया। चालक ने वाहन से उतरकर देखा तो आगे के दोनों टायरों के ब्रेक पाइप जबरदस्ती तोड़े गए थे। मौके पर ब्रेक ऑयल भी जमीन पर गिरा था। जिस जगह पर घटना हुई, वह बेहद भीड़भाड़ वाला है। गनीमत यह रही कि सुबह के समय वहां पर ज्यादा लोग नहीं थे अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
खननकारियों पर जा रहा प्रशासन का संदेह
तहसीलदार के सरकारी वाहन के ब्रेक पाइप तोड़े जाने की घटना को नयारघाटी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध खनन से भी जोड़कर देखा जा रहा है। प्रशासन की ओर से एक सप्ताह के भीतर ही क्षेत्र में अवैध खनन में लिप्त दो जेसीबी और एक डंपर सीज किया गया है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के गांव खैरासैंण से लेकर व्यासघाट तक और तहसील परिसर के निकट जमरिया तोक में खननकारियों द्वारा बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया जा रहा है। कई जगहों पर रातभर जेसीबी लगाकर खनन किया जा रहा है। प्रशासन की अवैध खनन पर लगाम लगाने की कोशिशें नाकाफी साबित हो रही हैं। सफेदपोश खनन माफिया रात के अंधेरे का फायदा उठाकर देर रात से सुबह तक खनन में संलिप्त रहते हैं। ऐसे में कई बार प्रशासन भी देर रात और तड़के इन खननकारियों पर दबिश दे रहा है। बताया जा रहा है कि बीच बाजार में खड़े तहसीलदार के वाहन को सुबह सवेरे दबिश की आशंका के मद्देनजर क्षतिग्रस्त किया गया है। तहसीलदार सुभाष चंद्र ध्यानी ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
तहसीलदार के वाहन चालक संजीव बिष्ट ने बताया कि वह बुधवार को तहसीलदार सतपुली/लैंसडौन सुभाष चंद्र ध्यानी को लैंसडौन छोड़कर रात्रि 11 बजे सतपुली लौटे। सतपुली डिग्री कॉलेज के समीप वाहन को खड़ाकर वह निकट ही अपने कमरे में सोने चले गए। बृहस्पतिवार सुबह जब वह राजस्व कर्मियों के साथ वाहन को स्टार्ट कर तहसील की ओर जा रहे थे, करीब बीस मीटर आगे जाने पर ब्रेक लगाने की आवश्यकता पड़ी तो ब्रेक नहीं लगे। तब एक पुलिया के पिलर पर टकराकर वाहन को रोका गया। चालक ने वाहन से उतरकर देखा तो आगे के दोनों टायरों के ब्रेक पाइप जबरदस्ती तोड़े गए थे। मौके पर ब्रेक ऑयल भी जमीन पर गिरा था। जिस जगह पर घटना हुई, वह बेहद भीड़भाड़ वाला है। गनीमत यह रही कि सुबह के समय वहां पर ज्यादा लोग नहीं थे अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
विज्ञापन
खननकारियों पर जा रहा प्रशासन का संदेह
तहसीलदार के सरकारी वाहन के ब्रेक पाइप तोड़े जाने की घटना को नयारघाटी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध खनन से भी जोड़कर देखा जा रहा है। प्रशासन की ओर से एक सप्ताह के भीतर ही क्षेत्र में अवैध खनन में लिप्त दो जेसीबी और एक डंपर सीज किया गया है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के गांव खैरासैंण से लेकर व्यासघाट तक और तहसील परिसर के निकट जमरिया तोक में खननकारियों द्वारा बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया जा रहा है। कई जगहों पर रातभर जेसीबी लगाकर खनन किया जा रहा है। प्रशासन की अवैध खनन पर लगाम लगाने की कोशिशें नाकाफी साबित हो रही हैं। सफेदपोश खनन माफिया रात के अंधेरे का फायदा उठाकर देर रात से सुबह तक खनन में संलिप्त रहते हैं। ऐसे में कई बार प्रशासन भी देर रात और तड़के इन खननकारियों पर दबिश दे रहा है। बताया जा रहा है कि बीच बाजार में खड़े तहसीलदार के वाहन को सुबह सवेरे दबिश की आशंका के मद्देनजर क्षतिग्रस्त किया गया है। तहसीलदार सुभाष चंद्र ध्यानी ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
विज्ञापन