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पाखरो इको टूरिज्म जोन खुलने में अब सड़क का फंसा पेच
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कोटद्वार। कार्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) के पाखरो गेट के रास्ते जंगल की सैर करने का सपना पूरा होने के लिए पर्यटकों को कुछ दिन और इंतजार करना पड़ सकता है। बुधवार को भले ही मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पाखरो गेट को पर्यटकों के लिए खोलने का शुभारंभ कर दिया है, लेकिन अभी तक अधिकारियों के पास इस जोन में घुसने के लिए सड़क बनाने का आदेश नहीं पहुंचा है। अधिकारियों की मानें तो आदेश मिलने के बाद सड़क निर्माण और मरम्मत में कम से कम 15 दिन का समय लगेगा, तब जाकर पर्यटक पाखरो गेट से जंगल की सैर कर सकेंगे।
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की इजाजत मिलने के बाद कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) का प्रवेश द्वार कोटद्वार क्षेत्र से होते हुए पाखरो से खोले जाने का वन और वन्यजीव प्रेमियों को लंबे समय से इंतजार था। वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कोटद्वार से सीटीआर के वतनवासा-हल्दूपड़ाव जोन के लिए डे-विजिट जिप्सी सफारी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। तब से वतनवास के लिए तो जिप्सी सफारी चल रही है, लेकिन पाखरो गेट के लिए एनटीसीए की अनुमति नहीं मिल सकी थी। नतीजतन मामला ठंडा पड़ गया था। वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत के प्रयासों के बाद गत फरवरी में एनटीसी की मुहर लगने के बाद छह मार्च को पाखरो गेट खुलने से पर्यटकों में खुशी की लहर बनी है। वन अधिकारियों को पाखरो गेट से अंदर जोन के लिए सड़क बनाने के लिए उच्चाधिकारियों के दिशा-निर्देश और बजट का इंतजार है।
पाखरो रेंज अधिकारी एमएस मावड़ी ने बताया कि पर्यटकों को आकर्षित करने वाले कार्बेट पार्क के कोर जोन का 312.86 वर्ग किमी. हिस्सा पौड़ी, जबकि 208.14 वर्ग किमी. नैनीताल जिले में पड़ता है। बफर जोन के 301.18 वर्ग किमी हिस्से में सोनानदी वन्य जीव विहार है। जबकि 496.54 वर्ग किमी हिस्सा आरक्षित वनों से घिरा हुआ है। सोना नदी वन्य जीव विहार में जहां बाघों की तादाद काफी अधिक है, वहीं हाथी, चीतल, सांभर समेत कई प्रजातियों के पक्षी भी मौजूद हैं, जिनका दीदार पर्यटक आसानी से कर सकते हैं।
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पाखरो गेट से करीब 18 किमी बफर जोन को पर्यटकों के लिए खोला जाना है। इसके लिए व्यवस्थाएं बनाई जा रही हैं। वर्तमान में पांच किमी तक सड़क है। उसके आगे सड़क का निर्माण होना शेष है।
- एके त्रिपाठी, डीएफओ कालागढ़ टाइगर रिजर्व वन प्रभाग
-फोटो
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की इजाजत मिलने के बाद कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) का प्रवेश द्वार कोटद्वार क्षेत्र से होते हुए पाखरो से खोले जाने का वन और वन्यजीव प्रेमियों को लंबे समय से इंतजार था। वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कोटद्वार से सीटीआर के वतनवासा-हल्दूपड़ाव जोन के लिए डे-विजिट जिप्सी सफारी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। तब से वतनवास के लिए तो जिप्सी सफारी चल रही है, लेकिन पाखरो गेट के लिए एनटीसीए की अनुमति नहीं मिल सकी थी। नतीजतन मामला ठंडा पड़ गया था। वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत के प्रयासों के बाद गत फरवरी में एनटीसी की मुहर लगने के बाद छह मार्च को पाखरो गेट खुलने से पर्यटकों में खुशी की लहर बनी है। वन अधिकारियों को पाखरो गेट से अंदर जोन के लिए सड़क बनाने के लिए उच्चाधिकारियों के दिशा-निर्देश और बजट का इंतजार है।
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पाखरो रेंज अधिकारी एमएस मावड़ी ने बताया कि पर्यटकों को आकर्षित करने वाले कार्बेट पार्क के कोर जोन का 312.86 वर्ग किमी. हिस्सा पौड़ी, जबकि 208.14 वर्ग किमी. नैनीताल जिले में पड़ता है। बफर जोन के 301.18 वर्ग किमी हिस्से में सोनानदी वन्य जीव विहार है। जबकि 496.54 वर्ग किमी हिस्सा आरक्षित वनों से घिरा हुआ है। सोना नदी वन्य जीव विहार में जहां बाघों की तादाद काफी अधिक है, वहीं हाथी, चीतल, सांभर समेत कई प्रजातियों के पक्षी भी मौजूद हैं, जिनका दीदार पर्यटक आसानी से कर सकते हैं।
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पाखरो गेट से करीब 18 किमी बफर जोन को पर्यटकों के लिए खोला जाना है। इसके लिए व्यवस्थाएं बनाई जा रही हैं। वर्तमान में पांच किमी तक सड़क है। उसके आगे सड़क का निर्माण होना शेष है।
- एके त्रिपाठी, डीएफओ कालागढ़ टाइगर रिजर्व वन प्रभाग
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