{"_id":"5b9d3fd9867a557fa9002563","slug":"31537032153-kotdwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीजी कालेज कोटद्वार की छात्रा के खाते से उड़ाई 70 हजार की धनराशि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीजी कालेज कोटद्वार की छात्रा के खाते से उड़ाई 70 हजार की धनराशि
Updated Sat, 15 Sep 2018 10:52 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोटद्वार/दुगड्डा। साइबर बदमाशों ने एक छात्रा को झांसा देकर उसके खाते से आनलाइन ट्रांजेक्शन कर सत्तर हजार रुपये उड़ा लिए। पीड़ित छात्रा की ओर से पुलिस में मामले की तहरीर दी गई है। उसने बताया कि बदमाशों ने छात्रा को फोन कर खुद को बैंक अधिकारी बताते हुए एटीएम का कोड हासिल कर लिया था।
पीड़ित छात्रा मोती बाजार दुगड्डा निवासी अतिमा पुत्री स्व. भगीरथ प्रसाद बंसल है। वह पीजी कालेज कोटद्वार की छात्रा है। उसने यह पैसा अपनी पढ़ाई के लिए खाते में जमा कर रखा था। शनिवार को अतिमा की ओर से कोतवाली पुलिस को तहरीर दी गई है। उसने बताया कि शुक्रवार शाम को उसके मोबाइल पर एक कॉल आई, जिसमें फोन करने वाले व्यक्ति ने स्वयं को बैंक अधिकारी बताते हुए उससे एटीएम का कोड पूछा। एटीएम कोड की जानकारी देने के एक घंटे बाद ही उसके खाते से 70 हजार रुपये की निकासी का मैसेज आया। जब वह बैंक पहुंची तो बैंक कर्मियों ने इस तरह का कोई फोन न करने की बात कही। जांच में बैंक कर्मियों ने बताया कि ट्रांजेक्शन ऑनलाइन हुई है। पीड़िता के चचेरे भाई अधिवक्ता पवन बंसल ने बताया कि जिस नंबर से कॉल आई थी, वह अब भी एक्टिवेट है।
विज्ञापन
पीड़ित छात्रा मोती बाजार दुगड्डा निवासी अतिमा पुत्री स्व. भगीरथ प्रसाद बंसल है। वह पीजी कालेज कोटद्वार की छात्रा है। उसने यह पैसा अपनी पढ़ाई के लिए खाते में जमा कर रखा था। शनिवार को अतिमा की ओर से कोतवाली पुलिस को तहरीर दी गई है। उसने बताया कि शुक्रवार शाम को उसके मोबाइल पर एक कॉल आई, जिसमें फोन करने वाले व्यक्ति ने स्वयं को बैंक अधिकारी बताते हुए उससे एटीएम का कोड पूछा। एटीएम कोड की जानकारी देने के एक घंटे बाद ही उसके खाते से 70 हजार रुपये की निकासी का मैसेज आया। जब वह बैंक पहुंची तो बैंक कर्मियों ने इस तरह का कोई फोन न करने की बात कही। जांच में बैंक कर्मियों ने बताया कि ट्रांजेक्शन ऑनलाइन हुई है। पीड़िता के चचेरे भाई अधिवक्ता पवन बंसल ने बताया कि जिस नंबर से कॉल आई थी, वह अब भी एक्टिवेट है।
विज्ञापन