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266 रिक्रूट बने भारतीय सेना के अभिन्न अंग
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कदम-कदम बढ़ाए जा खुशी के गीत गाए जा, ये जिंदगी है कौम की तू कौम पर लुटाए जा.. आर्मी बैंड की धुन पर पासिंग आउट परेड करते हुए 266 रिक्रूट भारतीय थल सेना का अभिन्न अंग बन गए। बतौर समीक्षा अधिकारी कर्नल विवेक मिश्रा ने परेड की सलामी लेते हुए रिक्रूटों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
शनिवार को गढ़वाल राइफल्स रेजीमेंट सेंटर के परेड ग्राउंड में आयोजित पासिंग आउट परेड में समीक्षा अधिकारी कर्नल विवेक मिश्रा ने 266 रिक्रूटों की परेड का निरीक्षण किया और उन्हें पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। रिक्रूटों ने अपने दाहिने कंधे पर साहस की प्रतीक रॉयल रस्सी (लाल रंग की डोरी) धारण की। उन्हें 34 सप्ताह के कठिन प्रशिक्षण के बाद राइफल्स मैन का दर्जा हासिल हुआ। उन्हें विधिवत ढंग से भारतीय सेना में शामिल कर लिया गया। राष्ट्रीय ध्वज टोली के समक्ष रिक्रूटों ने तिरंगे के सम्मान का संकल्प लिया और धर्म पुस्तिका हाथ में रखकर देश की मर्यादा व राष्ट्र की हर कीमत पर रक्षा करने का वचन दिया।
इसके बाद रिक्रूटों ने आर्मी बैंड की धुन पर शानदार पासिंग आउट परेड का प्रदर्शन किया। सलामी मंच के सामने से परेड के गुजरते ही दर्शक दीर्घा में उपस्थित उनके परिजनों ने करतल ध्वनि से सैनिकों का स्वागत किया। कर्नल विवेक मिश्रा ने रिक्रूटों में जोश अपने भाषण से रिक्रूटों में जोश भरा।
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सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर सैनिक सम्मानित
समीक्षा अधिकारी कर्नल विवेक मिश्रा ने प्रशिक्षण के दौरान सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जवानों को पदक प्रदान करके सम्मानित किया। राइफलमैन गोपाल सिंह को स्वर्ण पदक, पंकज सिंह को रजत, सुबोध सिंह को कांस्य पदक प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त आलोक सिंह को फिजिकल में, ऋषभ पोखरियाल को ड्रिल के लिए और हरीश को बेस्ट फायरिंग के लिए पुरस्कृत किया गया। हवलदार मुकेश सिंह को सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षक और कंपनी के सूबेदार विजय रावत को सर्वश्रेष्ठ प्लाटून कमांडर का बैनर प्रदान कर सम्मानित किया गया।
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शनिवार को गढ़वाल राइफल्स रेजीमेंट सेंटर के परेड ग्राउंड में आयोजित पासिंग आउट परेड में समीक्षा अधिकारी कर्नल विवेक मिश्रा ने 266 रिक्रूटों की परेड का निरीक्षण किया और उन्हें पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। रिक्रूटों ने अपने दाहिने कंधे पर साहस की प्रतीक रॉयल रस्सी (लाल रंग की डोरी) धारण की। उन्हें 34 सप्ताह के कठिन प्रशिक्षण के बाद राइफल्स मैन का दर्जा हासिल हुआ। उन्हें विधिवत ढंग से भारतीय सेना में शामिल कर लिया गया। राष्ट्रीय ध्वज टोली के समक्ष रिक्रूटों ने तिरंगे के सम्मान का संकल्प लिया और धर्म पुस्तिका हाथ में रखकर देश की मर्यादा व राष्ट्र की हर कीमत पर रक्षा करने का वचन दिया।
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इसके बाद रिक्रूटों ने आर्मी बैंड की धुन पर शानदार पासिंग आउट परेड का प्रदर्शन किया। सलामी मंच के सामने से परेड के गुजरते ही दर्शक दीर्घा में उपस्थित उनके परिजनों ने करतल ध्वनि से सैनिकों का स्वागत किया। कर्नल विवेक मिश्रा ने रिक्रूटों में जोश अपने भाषण से रिक्रूटों में जोश भरा।
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सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर सैनिक सम्मानित
समीक्षा अधिकारी कर्नल विवेक मिश्रा ने प्रशिक्षण के दौरान सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जवानों को पदक प्रदान करके सम्मानित किया। राइफलमैन गोपाल सिंह को स्वर्ण पदक, पंकज सिंह को रजत, सुबोध सिंह को कांस्य पदक प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त आलोक सिंह को फिजिकल में, ऋषभ पोखरियाल को ड्रिल के लिए और हरीश को बेस्ट फायरिंग के लिए पुरस्कृत किया गया। हवलदार मुकेश सिंह को सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षक और कंपनी के सूबेदार विजय रावत को सर्वश्रेष्ठ प्लाटून कमांडर का बैनर प्रदान कर सम्मानित किया गया।