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कांग्रेस ने उठाई धुमाकोट बस हादसे की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग
Updated Tue, 03 Jul 2018 10:48 PM IST
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कोटद्वार। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धुमाकोट बस हादसे के बाद भी क्षेत्रीय विधायक और गढ़वाल सांसद के नदारद होने पर गहरी नाराजगी जताते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने दुर्घटना के कारणों की उच्च स्तरीय जांच करा कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग भी उठाई।
तहसीलदार के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजे ज्ञापन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि धुमाकोट बस हादसे के बाद से गढ़वाल सांसद और क्षेत्रीय विधायक नदारद हैं, जबकि दोनों की नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि वे मौके पर जाकर कम से कम पीड़ित परिवारों के प्रति सांत्वना व्यक्त कर ढांढस बंधाते। उन्होंने कहा कि हादसे के कारणों की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और जांच में दोषी पाए जाने वाले विभागों के अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी होनी चाहिए। ज्ञापन में हादसे में अनाथ हुए बच्चों की पूर्ण जिम्मेदारी उठाने और मृतकों के परिजनों को कम से कम दस लाख रुपये का मुआवजा देने के साथ ही परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी उठाई गई। ज्ञापन देने वालों में प्रवेश रावत, हेमचंद्र पंवार, नईम अहमद, शुभम त्यागी, विकास कुमार, विजय रावत, सतीश सिंह, प्रमोद राणा, संजीव सिंह व अनुज भट्ट आदि शामिल रहे।
तहसीलदार के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजे ज्ञापन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि धुमाकोट बस हादसे के बाद से गढ़वाल सांसद और क्षेत्रीय विधायक नदारद हैं, जबकि दोनों की नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि वे मौके पर जाकर कम से कम पीड़ित परिवारों के प्रति सांत्वना व्यक्त कर ढांढस बंधाते। उन्होंने कहा कि हादसे के कारणों की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और जांच में दोषी पाए जाने वाले विभागों के अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी होनी चाहिए। ज्ञापन में हादसे में अनाथ हुए बच्चों की पूर्ण जिम्मेदारी उठाने और मृतकों के परिजनों को कम से कम दस लाख रुपये का मुआवजा देने के साथ ही परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी उठाई गई। ज्ञापन देने वालों में प्रवेश रावत, हेमचंद्र पंवार, नईम अहमद, शुभम त्यागी, विकास कुमार, विजय रावत, सतीश सिंह, प्रमोद राणा, संजीव सिंह व अनुज भट्ट आदि शामिल रहे।
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