{"_id":"5accf0e94f1c1b563e8b4675","slug":"21523380457-kotdwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गढ़वाल सांसद मेजर जनरल बीसी खंडूडी (रिटा.) से मिले कैंट के व्यापारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गढ़वाल सांसद मेजर जनरल बीसी खंडूडी (रिटा.) से मिले कैंट के व्यापारी
Updated Tue, 10 Apr 2018 10:44 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लैंसडौन। कैंट के स्वामित्व वाली दुकानों की नीलामी को रोकने और मासिक लाइसेंस शुल्क में कुछ प्रतिशत बढ़ोतरी कर दुकानें आवंटित दुकानदारों को ही देने की मांग को लेकर प्रभावित व्यापारियों का एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली में गढ़वाल सांसद मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी (रिटा.) को मिला।
व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल में शामिल महिपाल रावत, भुवनेश्वर खंडेलवाल, खेमचंद्र बौंठियाल ने सांसद को बताया कि वर्षों से कैंट अपनी दुकानें उन्हीं लोगों को एक-एक वर्ष की लीज पर मासिक लाइसेंस शुल्क में बढ़ोतरी कर देता आ रहा था, लेकिन इस बार कैंट ने अपनी दुकानों की नीलामी का निर्णय लेते हुए उन्हें दुकानें खालीकर चाबी सौंपने का आदेश दिया है। उधर, कैंट द्वारा दुकानों को खाली करने के लिए दुकानदारों को नौ अप्रैल तक का समय दिया था। समय सीमा खत्म होने के बाद प्रभावित दुकानदारों की बेचैनी बढ़ गई है। कैंट की सीईओ इन दिनों अवकाश पर है। दुकानदारों की ओर से मसले पर राहत के लिए जिला जज कोर्ट की शरण ली गई है। न्यायालय ने कैंट को 13 अप्रैल तक समस्त दस्तावेज अदालत में तलब करने को कहा है।
विज्ञापन
व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल में शामिल महिपाल रावत, भुवनेश्वर खंडेलवाल, खेमचंद्र बौंठियाल ने सांसद को बताया कि वर्षों से कैंट अपनी दुकानें उन्हीं लोगों को एक-एक वर्ष की लीज पर मासिक लाइसेंस शुल्क में बढ़ोतरी कर देता आ रहा था, लेकिन इस बार कैंट ने अपनी दुकानों की नीलामी का निर्णय लेते हुए उन्हें दुकानें खालीकर चाबी सौंपने का आदेश दिया है। उधर, कैंट द्वारा दुकानों को खाली करने के लिए दुकानदारों को नौ अप्रैल तक का समय दिया था। समय सीमा खत्म होने के बाद प्रभावित दुकानदारों की बेचैनी बढ़ गई है। कैंट की सीईओ इन दिनों अवकाश पर है। दुकानदारों की ओर से मसले पर राहत के लिए जिला जज कोर्ट की शरण ली गई है। न्यायालय ने कैंट को 13 अप्रैल तक समस्त दस्तावेज अदालत में तलब करने को कहा है।
विज्ञापन