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अतिक्रमण के खिलाफ तहसील में गरजे ग्रामीण
Updated Wed, 07 Mar 2018 10:32 PM IST
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कोटद्वार। ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहे अतिक्रमण के कारण पटरी से उतर रही यातायात व्यवस्था के नाराज बालासौड़ के ग्रामीणों ने तहसील में प्रदर्शन किया। उन्होंने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
अतिक्रमण के खिलाफ बालासौड़ के ग्रामीण बुधवार को तहसील पहुंचे। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रशासन पर अतिक्रमण को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। कहा कि कौड़िया, बालासौड़, हरसिंहपुर तिराहे में कुछ होटल और दुकानदारों ने सड़कों पर अतिक्रमण किया हुआ है। अतिक्रमण धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है, जिससे लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। वन वे ट्रैफिक होने के चलते दिन भर भारी वाहन सड़क पर चलते रहते हैं। अतिक्रमण के चलते मार्ग तंग होने के कारण हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है। कई बार मार्ग पर जाम लग जाता है, जिसके कारण लोगों को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कहा कि कई बार पुलिस और प्रशासन से अतिक्रमण की शिकायत की जाती है, लेकिन कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने क्षेत्रीय जनता की सुरक्षा के लिए सड़क से अतिक्रमण हटाने की मांग की। इस अवसर पर रजनी बिष्ट, बसंती देवी, सुनीता देवी, अमिता बौंठियाल, राकेश कुकशाल, जगमोहन पोखरियाल, सतीश घिल्डियाल, मीना देवी, स्वयंबर प्रसाद आदि मौजूद थे।
अतिक्रमण के खिलाफ बालासौड़ के ग्रामीण बुधवार को तहसील पहुंचे। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रशासन पर अतिक्रमण को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। कहा कि कौड़िया, बालासौड़, हरसिंहपुर तिराहे में कुछ होटल और दुकानदारों ने सड़कों पर अतिक्रमण किया हुआ है। अतिक्रमण धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है, जिससे लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। वन वे ट्रैफिक होने के चलते दिन भर भारी वाहन सड़क पर चलते रहते हैं। अतिक्रमण के चलते मार्ग तंग होने के कारण हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है। कई बार मार्ग पर जाम लग जाता है, जिसके कारण लोगों को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कहा कि कई बार पुलिस और प्रशासन से अतिक्रमण की शिकायत की जाती है, लेकिन कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने क्षेत्रीय जनता की सुरक्षा के लिए सड़क से अतिक्रमण हटाने की मांग की। इस अवसर पर रजनी बिष्ट, बसंती देवी, सुनीता देवी, अमिता बौंठियाल, राकेश कुकशाल, जगमोहन पोखरियाल, सतीश घिल्डियाल, मीना देवी, स्वयंबर प्रसाद आदि मौजूद थे।
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