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सुसभ्य समाज के लिए बच्चों को बचपन से ही संस्कार देना जरूरी: बीईओ
Updated Wed, 24 Jan 2018 10:21 PM IST
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कोटद्वार। धाद महिला सभा कोटद्वार की ओर से राष्ट्रीय बालिका दिवस पर राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय सिमलचौड़ में ‘छूने दो आकाश’ कार्यक्रम का आयोजन हुआ। बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम और पेंटिंग के माध्यम से बालक-बालिका समानता का भाव प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि बीडीओ दुगड्डा सुषमा दास ने किया। उन्होंने कहा कि सुसभ्य समाज के लिए बच्चों को बचपन से ही संस्कार देने की जरूरत है। परिवार और समाज में बालिकाओं को आगे बढ़ने के समान अवसर देने चाहिए। इस अवसर पर प्रधानाचार्य वीरेंद्र प्रकाश पंत, धाद की केंद्रीय उपाध्यक्ष माधुरी रावत, कमला कंडारी, विजयलक्ष्मी रावत, ऊषा शर्मा, बीना सजवाण, लक्ष्मी रावत, वर्षा थपलियाल, जसोदा बुड़ाकोटी, कुसुम प्रसाद, कविता रावत, कुसुम बलूनी, नीलम बिष्ट और कीर्ति भारद्वाज आदि मौजूद थे।
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कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि बीडीओ दुगड्डा सुषमा दास ने किया। उन्होंने कहा कि सुसभ्य समाज के लिए बच्चों को बचपन से ही संस्कार देने की जरूरत है। परिवार और समाज में बालिकाओं को आगे बढ़ने के समान अवसर देने चाहिए। इस अवसर पर प्रधानाचार्य वीरेंद्र प्रकाश पंत, धाद की केंद्रीय उपाध्यक्ष माधुरी रावत, कमला कंडारी, विजयलक्ष्मी रावत, ऊषा शर्मा, बीना सजवाण, लक्ष्मी रावत, वर्षा थपलियाल, जसोदा बुड़ाकोटी, कुसुम प्रसाद, कविता रावत, कुसुम बलूनी, नीलम बिष्ट और कीर्ति भारद्वाज आदि मौजूद थे।
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