{"_id":"59c933984f1c1bda538b45a6","slug":"21506358168-kotdwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोटद्वार अस्पताल में पहुंचा डेंगू का मरीज, जांच में हुई पुष्टि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोटद्वार अस्पताल में पहुंचा डेंगू का मरीज, जांच में हुई पुष्टि
Updated Mon, 25 Sep 2017 10:19 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोटद्वार। राजकीय संयुक्त चिकित्सालय कोटद्वार में एक डेंगू का मामला प्रकाश में आया है। डेंगू की प्रारंभिक जांच में रिपोर्ट पाजिटिव पाई गई है।
सोमवार को निंबूचौड़ निवासी 50 वर्षीय लक्ष्मी देवी को बुखार होने पर उनके परिजन उन्हें अस्पताल ले गए। ओपीडी में दिखाने के बाद डाक्टर ने डेंगू का संदेह होने पर मरीज को डेंगू की जांच कराने को कहा। अस्पताल की लैब में जांच होने पर डेंगू टेस्ट की रिपोर्ट पाजिटिव आई है। महिला के परिजनों ने बताया कि इससे पहले भी वे देहरादून के इंद्रेश अस्पताल में मरीज का डेंगू का इलाज करा चुके हैं। दोबारा तबीयत बिगड़ने के चलते उन्हें कोटद्वार अस्पताल दिखाया गया था। डाक्टर ने कुछ दिन की दवाई दी है। उधर, अस्पताल के सीएमएस ने अस्पताल में डेंगू के किसी मरीज के आने की जानकारी से इनकार किया। कहा कि कोटद्वार में इस प्रकार का केस नहीं आया है, यह केस बाहर से आया हो सकता है। अस्पताल में डेंगू के इलाज के लिए पूरी व्यवस्थाएं है, लेकिन प्लेटलेट कम होने और ब्लीडिंग होने पर ऐसे मरीज को रेफर किया जाता है। ब्यूरो
विज्ञापन
सोमवार को निंबूचौड़ निवासी 50 वर्षीय लक्ष्मी देवी को बुखार होने पर उनके परिजन उन्हें अस्पताल ले गए। ओपीडी में दिखाने के बाद डाक्टर ने डेंगू का संदेह होने पर मरीज को डेंगू की जांच कराने को कहा। अस्पताल की लैब में जांच होने पर डेंगू टेस्ट की रिपोर्ट पाजिटिव आई है। महिला के परिजनों ने बताया कि इससे पहले भी वे देहरादून के इंद्रेश अस्पताल में मरीज का डेंगू का इलाज करा चुके हैं। दोबारा तबीयत बिगड़ने के चलते उन्हें कोटद्वार अस्पताल दिखाया गया था। डाक्टर ने कुछ दिन की दवाई दी है। उधर, अस्पताल के सीएमएस ने अस्पताल में डेंगू के किसी मरीज के आने की जानकारी से इनकार किया। कहा कि कोटद्वार में इस प्रकार का केस नहीं आया है, यह केस बाहर से आया हो सकता है। अस्पताल में डेंगू के इलाज के लिए पूरी व्यवस्थाएं है, लेकिन प्लेटलेट कम होने और ब्लीडिंग होने पर ऐसे मरीज को रेफर किया जाता है। ब्यूरो