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नदी के उफान के ऊपर जर्जर पुल, खतरे में ग्रामीणों की जिंदगी

Wed, 02 Aug 2017 09:38 PM IST
Updated Wed, 02 Aug 2017 09:38 PM IST
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नदी के उफान के ऊपर जर्जर पुल, खतरे में ग्रामीणों की जिंदगी
जगमोहन सिंह रावत
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कोटद्वार। विकास खंड दुगड्डा की ग्राम पंचायत भानकोट के मासखेत गांव के ग्रामीण विगत 11 वर्षों से जर्जर टूटे हुए पुल से जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। लोग वर्षों से पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन शिकायत के बाद भी शासन-प्रशासन और लोक निर्माण विभाग मूकदर्शक बना हुआ है।
वर्ष 2004 में ग्रामीणों की मांग पर सिलगाड़ नदी में आवाजाही के लिए विधायक निधि से दो लाख के बजट में पुल का निर्माण कराया गया था, लेकिन गुणवत्ता में कमी के चलते कुछ महीनों में ही पुल क्षतिग्रस्त हो गया। ग्रामीणों की शिकायत पर प्रशासन हरकत में आया। वर्ष 2011 में तत्कालीन एसडीएम पीएल शाह ने जर्जर पुल का निरीक्षण किया था। उन्होंने पीडब्ल्यूडी दुगड्डा को पुल के आंगणन तैयार करने का निर्देश दिया था। लोनिवि ने आपदा से क्षतिग्रस्त पुल का आंगणन तैयार कर जिला प्रशासन को प्रेषित किया, लेकिन उसके बाद उसका संज्ञान लेना भूल गया। वर्तमान में आलम यह है कि पुल अत्यंत जर्जर हाल में है। नीचे से सलगाड़ नदी उफान पर है और ऊपर से स्कूली बच्चे और ग्रामीण खतरे में अत्यंत जर्जर पुल पर चल रहे हैं।
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जान जोखिम में डालकर टूटे पुल से आवाजाही
ग्राम प्रधान भानकोट दिक्का देवी, पूर्व प्रधान वीरेंदर सिंह ने लोक निर्माण विभाग पर ग्रामीणों का जीवन खतरे में डालने का आरोप लगाया। कहा कि बरसात में सिलगाड़ नदी उफान पर रहती है। ऐसे में मासकेत के छात्र-छात्राओं को प्राथमिक तथा उच्च शिक्षा के लिए सेंधीखाल, दुगड्डा, जयहरीखाल तथा कोटद्वार आवाजाही के लिए सिलगाड़ नदी को पार करना जरूरी होता है। नदी पार करने का अन्य वैकल्पिक मार्ग नहीं होने के कारण छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों को मजबूरन जान जोखिम में डालकर टूटे पुल से आवाजाही करनी पड़ रही है। शासन-प्रशासन इस पर गंभीर नहीं है।
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क्या कहते हैं अधिकारी
यह बात सही है कि पुल अत्यंत जर्जर हाल में है। यहां पर 20 मीटर स्पान पुल निर्माण के लिए करीब 10 लाख का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। अभी तक इस पर स्वीकृति नहीं मिली है। दोबारा से शासन को प्रस्ताव भेजा जा रहा है। स्वीकृति मिलते ही पुल पर कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
-अजीत सिंह गुसाईं, सहायक अभियंता लोनिवि दुगड्डा।

-फोटो
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