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किशोरियों की तलाश में पुलिस ने झोंकी ताकत, छाने जंगल
Updated Wed, 27 Jun 2018 10:44 PM IST
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किशनपुर (कोटद्वार)। भाबर के झंडीचौड़ पूर्वी से लापता दो किशोरियों का एक सप्ताह बाद भी कोई सुराग नहीं लगने से पुलिस को पसीने छूटने लगे हैं। इस मामले में सोशल मीडिया पर चली अनहोनी की घटना से पुलिस के हाथ-पांव फूले हुए हैं। पुलिस ने बुधवार को जहां लैंसडौन और बिजनौर वन प्रभाग के जंगल छाने हैं, वहीं, यूपी से सटे जिलों के लिए कई टीमें रवाना की हैं।
कलालघाटी पुलिस चौकी इंचार्ज विवेक राठी ने बताया कि बुधवार को कलालघाटी की पुलिस टीमें सुबह से भाबर और आसपास के जंगलों में छानबीन के लिए भेजी गई थीं, लेकिन किशोरियों का कोई पता नहीं लग पाया। कोतवाल उत्तम सिंह जिमिवाल ने बताया कि पुलिस की तीन टीमें यूपी सहित अन्य राज्यों में भेजी गई हैं। पुलिस की एसओजी टीम ने कलालघाटी पुलिस चौकी में संदेह के आधार पर कुछ युवकों से पूछताछ कर रही है। महिला मंगल दल की अध्यक्ष गीता सिंह, पूजा देवी, रेखा देवी, विनोद देवी व गोविंद सिंह कुरील का कहना है कि इस मामले में पुलिस को प्रारंभ से ही सक्रिय होना चाहिए था। उन्होंने कोटद्वार भाबर के गांवों में महिलाओं से जुड़े अपराधों के बढ़ने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी किशोरियों के न मिलने पर ग्रामीणों में पुलिस के प्रति आक्रोश पनप रहा है।
कलालघाटी पुलिस चौकी इंचार्ज विवेक राठी ने बताया कि बुधवार को कलालघाटी की पुलिस टीमें सुबह से भाबर और आसपास के जंगलों में छानबीन के लिए भेजी गई थीं, लेकिन किशोरियों का कोई पता नहीं लग पाया। कोतवाल उत्तम सिंह जिमिवाल ने बताया कि पुलिस की तीन टीमें यूपी सहित अन्य राज्यों में भेजी गई हैं। पुलिस की एसओजी टीम ने कलालघाटी पुलिस चौकी में संदेह के आधार पर कुछ युवकों से पूछताछ कर रही है। महिला मंगल दल की अध्यक्ष गीता सिंह, पूजा देवी, रेखा देवी, विनोद देवी व गोविंद सिंह कुरील का कहना है कि इस मामले में पुलिस को प्रारंभ से ही सक्रिय होना चाहिए था। उन्होंने कोटद्वार भाबर के गांवों में महिलाओं से जुड़े अपराधों के बढ़ने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी किशोरियों के न मिलने पर ग्रामीणों में पुलिस के प्रति आक्रोश पनप रहा है।
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